Monday, 17 June 2019

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

नमस्कार, आप सभी का हमारे वेब पोर्टल पर स्वागत है. मेरा नाम खुशबु है यह मेरा www.apnasandesh.com पर पहला लेख है. मुझे Technology से संबंधित जानकारी लिखना पसंद है. तो चलिए दोस्तों आज के लेख में हम Computer के नए बदलते युग में इलेक्ट्रॉनिक प्रत्रचार (E-Mail) के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते है,

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

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E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail :-

Microsoft Outlook से संदेश कैसे भेजे - 

इंटरनेट में इलेक्ट्रॉनिक मेल भेजने और प्राप्त करने की एक बहुत ही उपयोगी विशेषता है. इंटरनेट Explore से  Microsoft Outlook, Express सॉफ़्टवेयर के माध्यम से इंटरनेट से जुड़े अन्य लोगों तथा Govt. कार्यालय के साथ इलेक्ट्रॉनिक मेल का आदान-प्रदान कर सकते है.  हम ''अपना संदेश'' फ़ोल्डर में भी अच्छी तरह से रख सकते हैं और हम अपने संदेशों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं. साथ ही आने वाले संदेशों की सूची भी देख सकते हैं और उनकी सामग्री को एक नज़र में देख सकते हैं. हमें यहाँ पर Address Book की सुविधा भी उपलब्ध होती है, जिसमें आप उन लोगों को E-mail कर सकते हैं जिनके साथ आपका इलेक्ट्रॉनिक पत्रचार व्यवहार किया गया है.

 Address Book का चयन करके आप संदेशों को भर सकते हैं तथा Address Book से आप किसी भी संदेश को भेजने से पहले उनके नाम की जाँच कर सकते हैं. इन सभी सॉफ्टवेयर के काम करने का तरीका लगभग एक जैसा ही है. अब इसके बाद हम Microsoft outlook से E-mail सुविधा का Use कैसे करें इसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.

Microsoft Outlook पर Account कैसे बनाए - 

➢ सबसे पहले आपको बता दे की Microsoft से किसी भी व्यक्ति के साथ प्रत्रचार करने के लिए Microsoft outlook में अपना Sign in मतलब Account होना जरुरी है.

➢ Microsoft outlook में Account बनाने के लिए ☛ यहाँ Click करे 


E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

➢ ई-मेल की सुविधा लेने के लिए Internet Explorer की विंडो के टूल बार में ई-मेल बटन को क्लिक कीजिए,

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

➢ क्लिक करने के बाद इस तरह आपके स्क्रीन पर Home पेज खुल जाएगा,

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

➢ Menu में कई आदेश है जिनमें से मुख्य निम्न दो प्रकार है -

• रेड मेल - 

इस आदेश में से आप डाक पढ़ सकते हैं और हटाए हुए तथा भेजे गए संदेशों की लिस्ट भी देख सकते है,

• न्यू मैसेज - 

इसके द्वारा नया संदेश तैयार करके भेज सकते हैं, तथा डाक पढ़ने के लिए रीड मेल आदेश को क्लिक कीजिए ऐसा करते हैं आपकी स्क्रीन पर माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक प्रोग्राम में इनबॉक्स फोल्डर का विंडो Open होगा,


इस विंडो के टूल बार में ईमेल से संबंधित सभी आवश्यक बटन उपलब्ध होती है. इस विंडो में दूसरे प्रश्नों के साथ-साथ कई फोल्डर के भी बटन या शॉर्टकट होते हैं जिनका उपयोग निम्न प्रकार है -

✦ इनबॉक्स - 

किस फोल्डर में बाहर से मिलने वाले संदेश को रखा जाता है,

✦ आउटबॉक्स - 

इसमें आपके द्वारा भेजे जाने वाले संदेश रखे जाते हैं,

✦ सेंड आइटम - 

इस फोल्डर में भेजे जा चुके संदेश रखे जाते हैं,

✦ डिलीट आइटम - 

इसमें उन संदेशों को रखा जाता है जिन्हें आपके द्वारा हटाया जा चुका है,

✦ ड्राफ्ट - 

इस फोल्डर में ऐसे संदेश रखे जाते हैं जिन्हें भेजने के लिए तैयार किया गया हो लेकिन अभी भेजना नहीं हैं. इसमें से किसी भी फोल्डर की सामग्री देखने के लिए उस के बटन या शॉर्टकट को क्लिक किया जाता है जिससे उस फोल्डर में रखी गई संदेशों की सूची दी जाती है. उसमें किसी भी संदेशों को देखने के लिए उसके नाम वाली लाइन को क्लिक करना है. इस तरह आप किसी भी फोल्डर में रखा कोई भी संदेश देख सकते है.


दोस्तों यह थी इलेक्ट्रॉनिक मेल के बारे में कुछ आवश्यक जानकारी तो आइए अब जानते हैं कि E-Mail को आसान तरीके से किस तरह दूसरे व्यक्ति को भेजा जा सकता है.

E-Mail भेजने का आसान तरीका - How to send e-mail :-

➣ इंटरनेट द्वारा किसी भी ई-मेल संदेश भेजने के लिए या ''Mail'' के ''फुल डाउन'' में New message आदेश दीजिए, या Microsoft outlook की मुख्य विंडो में ''New mail message'' बटन को क्लिक कीजिए, ऐसा करने पर आपकी स्क्रीन पर इस तरह नए मैसेज का डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा जो शुरू में बिल्कुल खाली होगा.

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

➣ डायलॉग बॉक्स में To टेक्स्ट बॉक्स ई-मेल में पता भरा जाता है, जिसे संदेश भेजना है.

➣ CC टेक्सटबॉक्स में दूसरे ई-मेल पत्ते भेजे जाते हैं जहां उसकी प्रतिलिपि कॉपी भेजनी है.

➣ सब्जेक्ट के टेक्सटबॉक्स में संदेश का विषय कम से कम में लिखा जाता है. अगर यह देना जरूरी हो तो, इस डायलॉग बॉक्स में नीचे के बड़े बॉक्स में संदेश टाइप किया जाता है.

➣ अगर आप किसी फाइल या फोल्डर में से संदेश लेना चाहते हो तो, इसके लिए इस डायलॉग बॉक्स के फाइल मेनू को ओपन कंपाउंड का प्रयोग किया जाता है. संदेश तैयार हो जाने के बाद सेंड टूल बटन को या File Menu के सेंड मैसेज Command पर क्लिक करके मैसेज सेंड कर सकते हैं जिससे अपना संदेश ई-मेल में भेज दीया जाएगा.

इस तरह आप आसानी से मिक्रोसॉफ़्ट आउटलुक में इ-मेल का आदान-प्रदान कर सकते है.


Address Book के बारे में जानकारी - 

दोस्तों Address Book के बारे में हमने इसके पहले जाना है. माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक एक्सप्रेस में Address Book के बारे में देखा है. Microsoft में Address Book की सुविधा भी उपलब्ध होती है. इसमें आप अपने संपर्क के सभी ई-मेल पते भर कर Store कर सकते हैं और कभी भी आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में ला सकते हैं. Address Book देखने के लिए माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक की विंडो Address Book आदेश को क्लिक कीजिए ऐसा करते ही आपके स्क्रीन पर इस तरह का एड्रेस बुक की विंडो दिखाई देगा.

E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail

इस विंडो के मुख्य भाग में Address Book के सभी पन्ने आपके द्वारा बताए गए ऑर्डर में दिखाई देते हैं. अगर आप इनमें से किसी को ई-मेल भेजना चाहते हो तो उसका नाम बीच के टेक्स्ट बॉक्स में टाइप करके या लिस्ट में से उसको क्लिक करके ''सेंट मेल'' टूल बटन को क्लिक करके आप इससे ईमेल भेज सकते हैं. ईमेल भेजने के बाद डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा और उसमें संबंधित ईमेल पत्ता भरा जाएगा.

✤ इस तरह हम Address Book का उपयोग करके ईमेल पता याद रखने और बार-बार टाइप करने से बच सकते हैं.

✤ Address Book में नया पता जोड़ने के लिए उसकी विंडो के टूल बार में ''New contact'' बटन को क्लिक कीजिए,


✤ इससे आपको इस तरह New contact का डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा जो स्टार्टिंग में खाली होगा,

✤ इस डायलॉग बॉक्स में Name Tab sheet में किसी भी व्यक्ति का नाम या ईमेल पता टाइप कर सकते है, (पत्रचार करने के लिए)

✤ ईमेल पता टाइप करने के बाद विंडो का नाम बदलता जाता है अब चाहे तो अन्य टैब सीटों में अन्य बहुत सी सूचनाएं भी भर सकते हैं.

✤ सभी आवश्यक सूचनाएं भरकर Add बटन को क्लिक कीजिए ऐसा करने से वह पता Address Book में शामिल हो जाता है.

✤ अगर आप किसी पहले से भरी हुई सूचना में सुधार करना चाहते हो तो Address Book की विंडो में उसे चुनकर प्रॉपर्टीज टूल को क्लिक कीजिए,

✤ इसमें से एड्रेस को प्रॉपर्टीज का डायलॉग बॉक्स लगभग ऊपर वाले बॉक्स की तरह खुल जाएगा, इस डायलॉग बॉक्स की विभिन्न सीटों में आप उस पत्ते या उससे संबंधित किसी भी भागों में सुधार कर सकते हैं.

✤ सुधारने के बाद OK बटन को क्लिक करना है. Address Book से संबंधित किसी भी Other इंफॉर्मेशन के लिए ''Help menu'' का उपयोग भी आप कर सकते है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको E-Mail भेजने का तरीका - How to send e-mail यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

धन्यवाद...

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                                                                                                                              Author By :- खुशबु ... 

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Saturday, 15 June 2019

डाई का उपयोग कैसे करे - How to use Die

नमस्कार दोस्तों apnasandesh.com में आप सभी का हार्दिक स्वागत करते है, आज के Technical वाले युग में हम आप को फिर एक बार इस और ले चलते है, आज के लेख में डाई के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते है.

डाई का उपयोग कैसे करे - How to use dye

डाई क्या है - What is die, डाई का उपयोग कैसे करे - How to use die, डाई का परिचय - Introduction of die, डाई का महत्व - Importance of die, डाई के बारे में जानकारी - Information about die, डाई के विविध प्रकार - Various types of die, इंजीनियरिंग वर्कशॉप में डाई का उपयोग - Use of die in Engineering Workshop, सभी जानकारी हिंदी में.


डाई का उपयोग कैसे करे - How to use die:-

डाई क्या है - What is the Die :-

दोस्तों आप सायद जानते होंगे की टैपिंग करते समय किसी होल के अंदरूनी भाग को टैप किया जाता है, उसी तरह डाई भी एक ऐसा टूल है जो की थ्रेड्स बनाने का काम करता है. फर्क सिर्फ इतना है की टैप अन्दर की थ्रेड बनता है और डाई बहार की थ्रेड बनता है, जिसे हम External थ्रेड भी कहते है, किसी भी गोल रॉड या फिर पाइप के बाहरी भाग के उपर अगर थ्रेड बनाना है तो डाई का उपयोग किया जाता है.

डाई यह हाई कार्बन स्टील की बनी होती है, और इसे हार्ड और सकत कर दिया जाता है, इसलिए अलग से हाई स्पीड स्टील की भी डाई बनाई जाती है. डाई का आकार गोलाकार होता है, और यह अन्दर से V आकर की थ्रेड बनी होती है, इस थ्रेड पर कुछ कटिंग एज भी बनाये जताए है, डाई अपना काम करते समय एक तरफ से सुरु करके कुछ थ्रेड्स बनती है.

डाई के प्रकार - Types of die

सॉलिड डाई - solid die,

राउंड स्प्लिट डाई - round split die,

पाइप डाई - pipe die,

टू पिस एडजस्टेबल डाई - two piece adjustable die,

डाई प्लेट - die plate,

डाई नट - die nut,

सॉलिड डाई ( solid die ) :-

सॉलिड डाई यह एक ही मटेरियल की होती है, और सॉलिड होती है, इस डाई को किसी भी तरह से एडजस्ट नहीं किया जा सकता, और इसको कम ज्यादा भी नहीं किया जा सकता, इस डाई के अन्दर V आकार की थ्रेड्स बनी रहती है, और इसमें चार फ्लूट बने रहते है, इस फ्लूट के व्दारा एक ही बार में किसी भी जॉब पर मतलब रॉड या फिर पाइप पर एक ही बार में थ्रेड्स बनाई जा सकती है, इस डाई का उपयोग ज्यादा से ज्यादा पुराणी और ख़राब थ्रेड्स को रिपेयर करने के लिए कार्य करती है. इस तरह की डाई, डाई रैंच में फसाकर इसका उपयोग किया जाता है.

राउंड स्प्लिट डाई ( round split die ) :-

इस तरह की डाई एक ही तुकडे के बनी होती है, साइज़ में गोलाकार होने के साथ-साथ साइड में एक जगह पर स्लॉट कटा हुआ होता है, थ्रेड्स बनाने के लिए इसे एक डाई स्टॉक या फिर डाई हेंडल का उपयोग किया जाता है. इसमें डाई को पकड़ने के लिए हेंडल के ऊपर तिन स्क्रू दिए रहते है जिसके कारन डाई अच्छी तरह से फिट बैठ जाती है, और डाई में भी खाचे दिए रहते है जिसके कारन डाई स्टॉक या हेंडल का उपयोग करते समय डाई घूम नहीं सकती और न ही बाहर निकल सकती है.

पाइप डाई ( pipe die ) :-

पाइप डाई में डाई को एडजस्ट करने के लिए एक adjusting स्क्रू लगा होता है, और साथ में एक गाइड व्दारा बुश भी लगा होता है, जो पाइप को ठीक रखने का कार्य करता है, डाई से अलग-अलग पाइपो पर डाई किया जा सकता है जैसे की पानी, गैस, ऑइल, और पाइप पर भी थ्रेड बनाई जाती है, इस तरह के डाई में भी दो या चार बिट्स होते है, जिसे एक डाई हेंडल या फिर डाई स्टॉक में पकड़ा जाता है, जब भी डाई थ्रेड्स बनाने का कार्य करती है, तब गाइड बुश होने के कारन पाइप पर थ्रेड बड़ी आसानी से बनती रहती है, और थ्रेड्स टेढ़ी मेढ़ी नहीं बनती और अच्छी गहराई के साथ बनाई जाती है, इस डाई द्वारा काटी गयी थ्रेड्स टेपर की बनती है.

टू पिस एडजस्टेबल डाई ( two piece adjustable die ) :-

इस तरह के डाई में दो तुकडे होते है, और इन दो तुकडे से डाई बनाई जाती है, जिन्हें हम डाई बिट्स भी कहते है, इन डाई में V आकर की थ्रेड बनी होती है, थ्रेड के साथ साथ कटिंग एज बनी रहती है, और जिसके साथ चिप्स को बाहर निकालने के लिए बिट्स के बिच में ग्रूव होता है. इस डाई में भी और डाई की तरह ही कुछ थ्रेड्स टेपर में बनाई जाती है, इस डाई का उपयोग करते समय इन्हें एक डाई स्टॉक या फिर डाई हेंडल में फिट किया जाता है और हेंडल में लगे स्क्रू की सहायता से जितना चाहिए उतने बिट्स को कम या फिर ज्यादा एडजस्ट किया जाता है, और दो या फिर तिन बार में थ्रेड की गहराई पूरी कर ली जाती है, कंपनी और वर्कशॉप में इस तरह की डाई का बहुत जादा इस्तेमाल किया जाता है,क्योंकि इस डाई को साइज़ के अनुसार कम ज्यादा करके एडजस्ट किया जाता है, इस डाई का उपयोग बड़े रॉड पैर किया जाता है और इसे बहुत अधिक ताकत भी नहीं लगानी पड़ती.

डाई प्लेट ( die plate ) :-

इस तरह की डाई कार्बन स्टील की बनी हुई होती है, और यह हार्ड होने के कारन इसकी सिरे पर एक प्लेट है, जिसके सिरे पर एक छोटा सा हेंडल लगा रहता है, इस तरह के डाई का उपयोग रेडिओ और बिजली के उपकरण में लगने वाले कम से कम पेचो पर थ्रेड काटने के लिए काम में लाया जाता है, इस प्लेट पर बहुत से छेद होते है, और अलग अलग साइज़ के threads कटी हुई होती है, इस डाई में टैप के सामान तिन होल दिए रहते है, और इसे पूरी गहराई थ्रेड काटने के लिए दिया जाता है, इस तरह के डाई का उपयोग सोनार लोग जादा करते है.


डाई नट ( die nut ) :-

इस तरह की डाई नट अनेक प्रकार के आकार की बनी हुई होती है, और इसमें चार या फिर छे फ्लूट कटे होते है, इस डाई का उपयोग पुराणी और ख़राब थ्रेड को ठीक करने के लिए उपयोग में लाया जाता है, इस डाई को भी स्टॉक या फिर हेंडल और डाई रैच में पकड़कर थ्रेड्स बनाई जाती है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको डाई का उपयोग कैसे करे - How to use Die यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

धन्यवाद...

हसते रहे - मुस्कुराते रहे.....

 Tags :- TechnologyTechnical Study, Online job, Future Tech, Internet, Online Study, Computer, Health, Science, Fashion, Design, Solar System, पौराणिक रहस्य, महान व्यक्तित्व.

संबंधित कीवर्ड :-
What is Die, How to use Die, Introduction of Die, Importance of Die, Information about Die, Various types of Die, Use of Die in Engineering Workshop. 

                                                                                                       Author By :- Prashant Sayre Sir

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फास्टनर्स का उपयोग कैसे करे - How to use fasteners

नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर से आप सभी का apanasandesh.com पर हार्दिक स्वागत है, आज के इस लेख में हम आपको फास्टनरों के बारे में बताएंगे, तो चलिए दोस्तों जानते हैं फास्टनरों के बारे में विस्तृत जानकारी:

फास्टनर्स का उपयोग कैसे करे - How to use fasteners

फास्टनर्स क्या है - What is fasteners, फास्टनर्स का उपयोग कैसे करे - How to use fasteners, नट का परिचय - Introduction of nut, बोल्ट का परिचय - Introduction to Bolts, नट और बोल्ट का उपयोग कैसे करे - How to use nuts and bolts, फास्टनर्स का महत्व - Importance of Fasteners, फास्टनर्स का परिचय - Introduction to Fasteners, फास्टनर्स के बारे में जानकारी - Information about fasteners, फास्टनर्स के विविध प्रकार - Miscellaneous types of fasteners, इंजीनियरिंग वर्कशॉप में फास्टनर्स का उपयोग - Fasteners access to engineering workshops, सभी जानकारी हिंदी में.


फास्टनर्स का उपयोग कैसे करे - How to use fasteners :-

फ़ास्टनर्स का परिचय - Information about fasteners - 

दोस्तों आप को बता दे की जब कभी दो पार्ट्स को जोड़ने का काम होता है तब वह फ़ास्टनर्स का कार्य होता है. जैसे की ऑटोमोबाइल के पार्ट्स को आपस में जोड़ने और उसे एक अलग ही रूप, मतलब गाड़ी का रूप दिया जाता है. इन सरे पार्ट्स को आपस में जोड़ने के अनेक प्रकार प्रयोग में लाये जाते है, जिसे फ़ास्टनर्स कहते है, गाड़ी जब रस्ते पर चलती है तब उसमे कंपन (Vibration) के साथ साथ नट बोल्ट खुल जाते है, लेकिन एडवांस ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी में जब गाड़ी बनाई जाती है, तब नट, बोल्ट, स्टड, मशीन क्रू, शिट मेटल स्क्रू, रेवेंट इन सभी का उपयोग किया जाता है, और जब कभी नट बोल्ट ख़राब हो जाता है तब बाजार से इसे खरीदते समय इस सारी चीजो की जानकारी होनी चाहिए.


फ़ास्टनर्स के प्रकार - Types of Fasteners :-

➢ हेक्सागोनल हैड बोल्ट - Hexagonal Head Bolt,
➢ स्क्वेयर हैड बोल्ट - Square head bolt,
➢ कप हैड बोल्ट - cup Head Bolt,
➢ टी हैड बोल्ट - T Head Bolt,
➢ ऑय बोल्ट - Eye Bolt,
➢ हुक बोल्ट - Hook Bolt,

हेक्सागोनल हैड बोल्ट - Hexagonal Head Bolt :- 

इस तरह का बोल्ट बहुत अधिक मात्रा में उपयोग में लाया जाता है, इस बोल्ट का हैड 6 साइड वाला होता है. इस तरह के बोल्ट हाई कार्बन स्टील के बने होते है. इस बोल्ट को प्रयोग में लाने के बाद कभी जंग लग जाये और जिसके वजह से कभी बोल्ट ख़राब हो जाये तो जॉब को बाहर नहीं निकलते और उसी जगह पर बोल्ट को हैमर और छेनी की मदत से तोड़ दिया जाता है, इस तरह के बोल्ट पर ३० डिग्री का कोण बनाया जाता है.


In the country we use ISO metric thread and the basic profile -
D = Major diameter of internal thread (Nut)
d = Major diameter of external thread (bolt)
D2 = Pitch diameter of internal thread
d2 = Pitch diameter of external thread
D1 = Minor diameter of internal thread
d1 = Minor diameter of external thread
P = Pitch
H = Height of fundamental triangle

d = D = nominal diameter
d2 = D2 = d - 0.6495 P
H = 0.866 P
d1 = D1 = d - 1.0825 P
P = Pitch r = 0.1443 P

स्क्वेअर हैड बोल्ट - Square head bolt :- 

इस तरह का बोल्ट चौरस होता है, और इस बोल्ट का उपयोग हेक्सागोनल बोल्ट की तुलना में कम उपयोग में लाया जाता है. इस बोल्ट को कसी झिरी में फंसाकर उपयोग में लाया जाता है, ताकि नट को खोलने और कसने पर घूम न सके इस तरह का बोल्ट हाई कार्बन स्टील का बना होता है. नर्म धातु के बने होने के कारन यह कभी भी हतोड़ी के जोरदार चोट मारने के कारन टूट जाता है, इस तरह का बोल्ट का उपयोग साधारण से बेअरिंग या सॉफ्ट के लिए किया जाता है.

कप हैड बोल्ट - cup Head Bolt :- 

इस तरह के बोल्ट का उपयोग लकड़ी से बने कार्यो के लिए किया जाता है. इस बोल्ट का गोलाकार भाग अर्ध गोल होता है, और हैड के निचे छोटा सा C जैसा गोल नैक बनी रहती है. इस बोल्ट को जादा प्रयोग में नहीं लाते, इस बोल्ट का मटेरियल हाई कार्बन स्टील का बना होता है, और यह रेवेंच जैसा दिखने में लगता है. इस बोल्ट पर कुछ भाग में थ्रेड्स भी बनी रहती है, जो किसी पार्ट्स को जोड़ने का काम करते है.

टी हैड बोल्ट - T Head Bolt :- 

इस तरह का बोल्ट इंग्लिश शब्द के T जैसा होता है, और इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग मशीन टेबल में जॉब को कसने के लिए किया जाता है, और साथ ही साथ हैड मशीन के टेबल में टी आकार में अच्छी तरह फिट किया जाता है. इस बोल्ट का मटेरियल भी हाई कार्बन स्टील का बना रहता है, जो जरुरत पड़ने पर आसानी से टूट जाता है.

ऑय बोल्ट - Eye Bolt :- 

ऑय बोल्ट का हेड गोल बना होता है, और इसमें एक होल किया रहता है, जिसके कारन इसे ऑय बोल्ट कहते है, इस तरह के बोल्ट का उपयोग भारी चीजे जैसे की भारी मशीन, और हैवी इंजन इस तरह के भारी सामान को उठाने के लिए किया जाता है, यह मशीन के भार के अनुसार मोटे और पतले बनाये जाए है, इस तरह के बोल्ट हाई कार्बन स्टील के बने होते है, जो सॉफ्ट मटेरियल से बनने के कारन नर्म रहते है, इस तरह के बोल्ट पर पूरी बोदी पर थ्रेड्स बनी रहती है, बिजली के मीटर के उपर भी इस बोल्ट को लगाया जाता है.

हुक बोल्ट - Hook Bolt :- 

इस तरह का बोल्ट का हेड पूरा गोल नहीं होता है, मतलब थोडा सा एक तरफ से कटा हुआ रहता है, इसके कटे हुए सिरे पर एक हुक बनी रहती है, और दुसरे एंड पर थ्रेड्स बनी रहती है, इस प्रकार के बोल्ट का उपयोग क्रेन के साथ किया जाता है जो की बहुत भारी भारी मशीनो को उठा सके, और उन भारी सामानों को एक जगह से दुसरे जगह उठा कर रख सके इस तरह के बोल्ट का उपयोग छत पर लगे सीमेंट की शिट पर किया जाता है, जिससे नट लगाकर टाईट कर सके.

फ़ास्टनिंग अन्य तिन प्रकार की होते है,

☘ टेम्पररी फ़ास्टनिंग - temporary fastening

☘ सेमी परमानेंट फ़ास्टनिंग - semi parmanent fastning

☘ परमानेंट फ़ास्टनिंग - permanent fastning

टेम्पररी फ़ास्टनिंग - temporary fastening :- 

इस तरह के फ़ास्टनिंग में अलग-अलग प्रकार के पार्ट्स को जोड़ा और खोला जा सकता है, यह फ़ास्टनर्स टेम्पररी कार्यो में प्रयोग किया जाता है.

सेमी परमानेंट फ़ास्टनिंग - semi permanent fastening :- 

इस तरह के फ़ास्टनिंग को खोलते समय आसानी से नहीं खुलते क्योंकि इसे सोल्डरिंग करके फिट किया रहता है.


परमानेंट फ़ास्टनिंग - permanent fastening :- 

इस तरह का फ़ास्टनिंग अलग-अलग नहीं किया जा सकता, अगर करने की कोशिश करे तो पार्ट्स और उससे जुड़े जॉब को भी टूटना पड़ सकता है क्योंकि यह वेल्डिंग करके दो पार्ट्स को जोड़ा जाता है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको फास्टनर्स का उपयोग कैसे करे - How to use fasteners यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

धन्यवाद...

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Wednesday, 12 June 2019

पाना का उपयोग कैसे करे - How to use Spanner

नमस्कार दोस्तों apnasandesh.com में आप सभी का हम स्वागत करते है. आज के लेख में हम बात करते है स्पेनर की, जिसे हम पाना - रिंग पाना भी कहते है.

पाना का उपयोग कैसे करे - How to use Spanner

पाना का उपयोग कैसे करे - How to use Spanner, Spanner किसे कहते है - Who is the Spanner, Spanner का रखरखाव कैसे करे - How to maintain a Spanner, Spanner का उपयोग कैसे करे, Spanner का उपयोग क्या है, (पाना) Spanner का परिचय - Introduction to Spanner, Spanner (पाना) कितने प्रकार के होते हैं - How many types of Spanner are, इंजिनीअरिंग वर्क शॉप में (पाना) Spanner का उपयोग - Use of Spanner in the engineering work shop, Spanner क्या है - What is the Spanner सभी जानकारी हिंदी में.


पाना का उपयोग कैसे करे - How to use Spanner :-

Spanner (पाना) का परिचय - Introduction to Spanner :-

दोस्तों स्पेनर का उपयोग हर क्षेत्र में किया जाता है. जैसे की ऑटोमोबाइल कंपनी, इंडस्ट्री, छोटे बड़े वर्क शॉप और प्लम्बर और यही नहीं बल्कि अपने घर पर भी किसी ना किसी तरह से काम में आने वाले यह टूल्स है. प्रत्येक मशीन या फिर इंजन, इनके पार्ट्स को जोड़कर तैयार किया जाता है, प्रत्येक मशीन के पुर्जो को जोड़ने के लिए नट बोल्ट का उपयोग कसने और खोलने के लिए किया जाता है, इन स्पेनर को ड्रोप फोर्ज स्टील ( Drop forged steel ) में तैयार किया जाता है.

यह भी पढ़े ☛ हैमर का उपयोग कैसे करे
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स्पेनर के प्रकार - Types ऑफ़ Spanner :-

✦ ओपन एंडेड स्पेनर (Open Ended Spanner)

✦ रिंग स्पेनर (Ring Spanner)

✦ सिंगल एंडेड स्पेनर (Single Ended Spanner)

✦ डबल एंडेड स्पेनर (Double Ended Spanner)

✦ कॉम्बिनेशन रिंग एंड ओपन एंडेड स्पेनर (Combination Ring and Open Ended Spanner)

✦ बॉक्स टाइप स्पनेर (Box Type Spanner)

✦ सॉकेट स्पेनर (Socket Spanner)

✦ ट्यूबलर स्पेनर (Tubler Spanner)

✦ टम्बल स्पेनर (Tumble Spanner)

ओपन एंडेड स्पेनर - Open Ended Spanner :-

दोस्तों हम जो घर पर साधा पाना प्रयोग में लाते है उसे इंग्लिश में Spanner कहते है. Spanner की बनावट अलग-अलग प्रकार की होती है. इनमे एक मुह वाले स्पेनर को सिंगल एंडेड स्पेनर और डबल मुह वाले स्पेनर को डबल एंडेड स्पेनर कहते है. डबल एंडेड स्पेनर से दोनों और से नट बोल्ट कसे और खोले जाते है. डबल एंडेड स्पेनर छोटे और बड़े आकर के मिल जाते है. इस स्पेनर को उतना ही टेंशन दिया जाये जितना की इसकी कैपेसिटी हो वरना यह स्लिप, और टूट भी सकता है.

ब्रिटिश साइज़ के हिसाब से सभी स्पेनर के अलग अलग साइज़ होते है इसमें 3/8 इंच से लेकर 1.1/4 इंच के साइज़ तक के स्पेनर होते है.

और उसी प्रकार यह 6 मिलीमीटर से लेकर 27 मिलीमीटर तक इन स्पेनर का साइज़ आसानी से बाजार में मिल जाते है.

रिंग स्पेनर - Ring Spanner  :-

रिंग स्पेनर के सिरे पर एक अलग प्रकार के एंगल के सहारे झुका हुआ होता है, और इसके अन्दर मशीन के व्दारा कट लगाय जाते है ताकि किसी भी नट बोल्ट को मजबूती से पकड़ा जा सके. इस तरह के स्पेनर ओपन एंडेड स्पेनर की तुलना में जादा मजबूती से इनकी पकड़ होती है, और इनमे स्लिप होने का खतरा भी नहीं रहता है. अच्छी तरह टॉर्क से कसा जा सकते इसके लिए साइज़, थ्रेड्स और बोल्ट पर भी निर्बर होता है.

बॉक्स टाइप स्पनेर - Box Type Spanner  :-

इस तरह के स्पेनर से अधिक से अधिक मजबूती के कार्य करने के लिए किया जाता है.क्योंकि इस स्पेनर का मुह चारो और से बंद होता है, और इस स्पेनर का उपयोग करने पर आसानी से कोई भी कार्य पूरा किया जाता है. चारो और से मुह बंद होने के कारन इससे स्लिप होने का डर नहीं लगा रहता.

सॉकेट स्पेनर - Socket Spanner :-

इस तरह के स्पेनर का उपयोग वहां किया जाता है जहां नट बोल्ट गहराई में लगे होते है. और जहां अधिक टार्क या फिर कसने की आवश्यकता हो. यह स्पेनर बॉक्स स्पेनर से मिलता जुलता होता है, और यह स्पेनर फोर्ज स्टील के बने होते है, यह स्पेनर मिलीमीटर और इंच में मिलते है, इनको अपने देशी भाषा में गोटी भी कहते है. क्योंकि यह गोलाकार होते है, इसमें कट लगे रहते है जिससे की ज्यादा मजबूती से पकड़ रख सके, और इसके दुसरे सिरे को होल को टौमी होल कहते है. इस स्पेनर के साथ Long Extension Rod, Speed ​​Handle, Richest, Universal Joint, Socket भी मिलते है.

ट्यूबलर स्पेनर - Tubular Spanner :-

ट्यूबलर स्पेनर की पाइप खोखली होती है. यह स्टील का बना होता है. इस स्पेनर की एक सिरे की और hexagonal की तरह 6 साइड होती है जो पकड़ने में मजबूती प्रदान करती है, और नट को अच्छी तरह पकड़ बनाये रख सके. इस पेनर के शेंक में दो होल होते है, इस छेद के माध्यम से इसमें एक रॉड डालकर नट को अच्छी तरह खोलना या कसना कर सकते है. ट्यूबलर स्पेनर का एंड का सिरा दो साइज़ में होता है एक छोटा और एक बड़ा होता है, इसका प्रयोग अधिकतम गहराही वाले भाग में किया जाता है.

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सावधानिया - Safety Precaution :-

☘ ओपन एंडेड स्पेनर का प्रयोग करते समय सावधानी पूर्वक काम करना चाहिए,

☘ कभी भी स्पेनर को OIL लगा हो तो उसे अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए,

☘ OIL लगने के कारन स्पेनर स्लिप हो सकता है, और उससे चोट भी लग सकती है,

☘ स्पेनर का उपयोग होने पर उसे साफ करके टूल बॉक्स में रख दे, इधर उधर न रखे.

☘ स्पेनर के अनुसार उसमे जितनी Capacity हो उसे देख कर ही उसका उपयोग करे,

☘ स्पेनर पर बहुत अधिक ताकत न लगाये इसके कारन वह टूट सकता है,

☘ स्पेनर पर कभी भी हतोड़ा (हैमर) से ठोक-पीठ नहीं करनी चाहिए,

☘ वर्कशॉप में काम करते समय ज्यादा से ज्यादा रिंग स्पेनर का उपयोग करे ,

☘ रिंग स्पेनर की पकड़ मजबूत होती है और स्लिप भी नहीं होने का खतरा नहीं रहता,


☘ स्पेनर का उपयोग बड़ी ही सावधानी से करना चाहिए,

दोस्तों, उम्मीद है की आपको पाना का उपयोग कैसे करे - How to use Spanner यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

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                                                                                                       Author By :- Prashant Sayre Sir

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Tuesday, 11 June 2019

टार्क रेंच का उपयोग कैसे करे - How to use Torque Wrench

नमस्कार दोस्तों apnasandesh.com में आप सभी का फिर एक बार हार्दिक स्वागत करते है, दोस्तों आज के लेख में हम आपको बताएँगे टार्क रेंच के बारे में, तो आइये दोस्तों जानते है टार्क रेंच की विस्तृत जानकारी,

टार्क रेंच का उपयोग कैसे करे - How to use Torque Wrench

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टार्क रेंच का उपयोग कैसे करे - How to use Torque Wrench :-

टार्क रेंच का परिचय - torque wrench Information  :-

दोस्तों किसी भी तरह के नट बोल्ट को कसने और खोलने के लिए स्पेनर का उपयोग करते है. ऊसी तरह टार्क रेंच का भी प्रयोग किया जाता है. अगर किसी नट बोल्ट को ठीक तरह से कसा न जाये तो पुर्जे ढीले होकर गिर जायेंगे और अगर नट बोल्ट को जादा टाईट कर दिया जाये तो थ्रेड्स ख़राब या फिर टूट जाएँगी और कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. इसीलिए टार्क रेंच का प्रयोग नट बोल्ट को ठीक प्रकार से टाईट करने के लिए किया जाता है, उसी तरह टार्क रेंच से कितना टार्क लगाया जाना चाहिए जरुरत के हिसाब से उतना टार्क ही लगाने के लिए टार्क रेंच पर साइज़ के हिसाब से specification दिया रहता है. और उसी को अडजस्ट या सेट करके टार्क लगाया जाता है, इसमें 20 lbft इसका मतलब 20 पाउंड का बल 1 फिट की दुरी पर लगा हुआ है. टार्क रेंच पर ठीक सोकेट लगाओ और रेंच हैण्डल खींचो और टार्क सेट करके बोल्ट को ठीक तरह से टाईट करे, ज्यादा टार्क रेंच फीट पाउंड में होते है, परन्तु कुछ रेंच पाउंड इंच में भी होते है.

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टार्क रेंच का उपयोग - Torque wrench uses :-

टार्क रेंच का उपयोग करते समय थ्रेड्स साफ़ और अच्छी अवस्था में होनी चाहिए, अगर थ्रेड्स ख़राब और गन्दी हो तो नट और बोल्ट को टाईट करते समय सभी थ्रेड्स आपस में टकराएंगी और उससे हमें गलत रेडिंग मिलेंगी और साथ ही थ्रेड्स पूरी तरह से टाईट भी नहीं होंगी.

स्क्रू रेंच - screw wrench  :-

स्क्रू रेंच का एक Jaw हेंडल के साथ जुड़ा रहता है, और दूसरा Jaw मूवेबल रहता है. मतलब यह वार्म स्क्रू की मदत से चलता है, इसका साइज़ इसके हेंडल से लिया जाता है, यह स्क्रू रेंच फोर्ज स्टील का बना रहता है, और इसके दोनों Jaw को मशीन व्दारा बनाया जाता है. वार्म स्क्रू Jaw के साथ फिट रहता है, वार्म स्क्रू को खोलने और कसने के लिए नट बोल्ट का साइज़ लेकर बनाया जाता है. इसलिए इसका प्रयोग नट बोल्ट कसने और खोलने के लिए किया जाता है.

मंकी रेंच - Monkey Wrench  :-

मंकी रेंच में दो तरह के Jaw होते है, एक फिक्स Jaw और दूसरा मूवेबल Jaw, फिक्स Jaw हमेशा हेंडल के साथ फिट रहता है, इसके मूवेबल Jaw के साथ एक थ्रेड कटी हुई होती है, जो की फिक्स Jaw के साथ बैठा रहता है. इसका उपयोग हम डबल या दो मुह वाले स्पेनर की तरह कर सकते है, और नट बोल्ट को खोलने और बंद करने के लिए इसके पास जगह होना अनिवार्य है. इससे अलग-अलग साइज़ के नट बोल्ट कसे और खोले जा सकते है.

पाइप रेंच - pipe wrench  :-

पाइप रेंच का उपयोग किसी भी पाइप को और गोलाकार भाग को कसने और खोलने के लिए किया जाता है. कसी भी नट या बोल्ट की थेडस ख़राब हो गई हो तो उन्हें खोलने के लिए पाइप रेंच का उपयोग करते है, पाइप रेंच के भी दो Jaw होते है, एक फिक्स Jaw और दूसरा मूवेबल Jaw होता है, पाइप रेंच के Jaw का कार्बन स्टील का बना होता है. इसको फोर्जिंग के व्दारा बनाया जाता है, इसके Jaw पर कट लगे रहते है जिसके कारन कोई भी गोलाकार जॉब को मजबूती से पकड सके. इसके फिक्स Jaw पर एक नट लगा होता है, मूवेबल Jaw को फिक्स करने के लिए एक ब्रकेट बनी होती है, यह ब्रकेट रेवेंट के व्दारा मूवेबल Jaw पर फिक्स किया जाता है, यहाँ लगा नट के व्दारा मूवेबल Jaw को आगे पीछे करते रहता है. इनके कार्य के अनुसार यह भिन्न भिन्न प्रकार में मिलते है.

चैन रेंच - chain wreanch :-

चैन रेंच का उपयोग बड़े-बड़े पाइप को खोलने और कसने के लिए किया जाता है. इस प्रकार के टूल में चैन लगी रहती है, जो की पाइप को चारो और से मजबूती से पकड़ बनाये रखती है. जिसके कारन जॉब या पाइप की फिटिंग आछी तरह से की जाती है, चैन के व्दारा छोटे बड़े पाइप को पकड़ा जा सकता है, और इसका उपयोग करने में आसानी होती है.

सावधानिया ( safety precaution) :-

✦ पाइप रेंच पर उस समय तक ज्यादा ताकत नहीं लगना चाहिए जब तक की पाइप को अछि तरह पकड़ न ले,

✦ सीडी या किसी स्टूल पर काम करते समय ध्यान से काम करना चाहिए,

✦ पाइप रेंच के दांत ख़राब होने पर उसे उपयोग में नहीं लाना चाहिए,

✦ काम पूरा होने के बाद रेंच को साफ करके रखना चाहिए,

✦ कार्य के अनुसार रेंच का उपयोग करना चाहिए,

✦ टार्क रेंच से जितना टार्क सेट किया हो उतना ही ताकत का इस्तेमाल करे,

✦ जादा ताकत लगाने से जितना चाहिए उतना टार्क नहीं लगेगा,

✦ परिणाम नट-बोल्ट ख़राब हो सकता है या टूट भी सकता है,

✦ छोटे काम के लिए छोटा टार्क रेंच का प्रयोग करे,

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✦ बड़े काम के लिए बड़ा टार्क रेंच का इस्तेमाल करे और टार्क सेट कर के ही इनका उपयोग करे,

✦ टार्क रेंच को calibration भी किया करे ताकि हमें पता लग सके की इसमें जो टार्क सेट हो वह सही मायने में बराबर है,

दोस्तों, उम्मीद है की आपको टार्क रेंच का उपयोग कैसे करे - How to use Torque Wrench यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

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                                                                                                       Author By :- Prashant Sayre Sir

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ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

नमस्कार दोस्तों, apnasandesh.com में आप सभी का स्वागत है. आज का आर्टिकल है ITI में प्रवेश कैसे पाए ? दोस्तों अगर आपका औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में मतलब ITI में प्रवेश पाना है तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत ही उपयोगी साबित होने वाला है.

ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

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यहां हम आपके लिए ITI में प्रवेश पाने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताने वाले है तो चलिए दोस्तों जानते है ITI में प्रवेश पाने तकनीक :-

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI ) की प्रवेश प्रक्रिया -

☛ सबसे पहले अगर आपको ITI के प्रथम वर्ष में प्रवेश पाना है तो आपको कक्षा 10 वी (SSC) उत्तीर्ण करनी होगी. क्योकि ITI में प्रवेश पाने के लिए कम से कम कक्षा 10 वी उत्तीर्ण की योग्यता रखी गई है.

☛ अगर कोई छात्र 8th पास है, वह भी ITI में प्रवेश कर सकता है. लेकिन उस व्यक्ति को शासकीय नौकरी के लिए कम जगह उपलब्ध रहती इसलिए अधिकतर छात्र 10th तथा 12th के बाद ही ITI में प्रवेश करते है.

☛ ITI में प्रवेश प्राप्ति के लिए किसी भी मीडियम (Art -Science) से 10th तथा 12th पास होना अनिवार्य है.

☛ अगर किसी छात्र का कक्षा 9th से 10th तक NSQF अंतर्गत Vocational शिक्षा पूर्ण हुआ है, उसे ITI प्रवेश प्रक्रिया में सीधे 25 % का आरक्षण प्राप्ति होता है. ☛ Read More 

☛ तथा ITI कोर्स जिस किसी छात्र ने पूरा किया है वह www.apprenticeshipindia.org इस वेबपोर्टल पर अपना पंजीकरण बिना किसी शुल्क से कर सकता है. ☛ Read More 


ITI में प्रवेश प्राप्त करने से पहले जान लेना जरुरी है की किस ट्रेड में नौकरी अधिकतर होती है और कोनसा ट्रेड नौकरी के लिए फायदेमंद होता है, लड़को के लिए कोनसा ट्रेड अच्छा है, और लड़किओं के लिए कोनसा ट्रेड अच्छा है, यह सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां Click करे.

प्रवेश पाने के लिए जरुरी कागजात :-

ITI में प्रवेश पाने के लिए निम्नलिखित कागजात की आवश्यकता होती है.

☘ कक्षा 10 वी की मार्कलिस्ट,
☘ कक्षा 10 वी की TC (अगर 12 वी पास है तो उसकी TC और मार्कलिस्ट)
☘ Nationality Certificate
☘ Domicile Certificate
☘ Aadhar Card
☘ Passport Size Photo
☘ Cast Certificate (For SC/ST/NT/OBC)
☘ Non-Creamy Layer (For OBC)
☘ Income Certificate

आवेदन कहा करना है :-

Admission के लिए आवेदन आपको ऑनलाइन करना है, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होती है. ऑनलाइन ITI फॉर्म पूरा करने के बाद अपना प्रोविज़नल ITI एडमिशन फॉर्म लेकर कन्फर्मेशन करने के लिए किसी भी नजदीकी Govt. तथा प्राइवेट ITI में जाकर कन्फोर्मशन पूरा करना है. कन्फोर्मशन के बाद आपको कन्फोर्मशन ITI फॉर्म मिलेगा, आप सिर्फ के तहत ही ITI में प्रवेश पा सकते है. इसके लिए आप अपने घर के कंप्यूटर से अथवा किसी नेटकॉफे से ITI (https://admission.dvet.gov.in/) वेबसाइट पर जाए. उसके बाद Candidate Login करके ITI में फॉर्म भर सकते है.

आवेदन कैसे करना है :-

ITI में प्रवेश पाने के लिए कुछ Step होती है, जैसे की.

☛ Candidate Registration करना,
☛ Documents Verification
☛ Registration Confirmation,
☛ Provisional Merit List Display
☛ Final Merit List Display
☛ Option Form Filling
☛ Allotment List (College Allotment)
☛ Reporting College For Admission Confirmation (Admission To Institute)

दोस्तों यह Step होती है ITI में प्रवेश पाने की, तो चलिए हम एक एक Step के बारे में विस्तृत में जानते है.

☛ Registration :-

सबसे पहले आपको Candidate Registration करना पड़ेगा, Registration करने के लिए आपको इंटरनेट वाला कंप्यूटर चाहिए. या तो आप वहा से अपने नजदीकी Net-cafe सेंटर में जाकर Registration (ITI फॉर्म भर सकते है) कर सकते है. वहा Registration करने की सुविधा उपलब्ध होती है. और अपना ITI का पंजीकरण फॉर्म भर सकते है.

✦ अगर आप यह प्रोसेस खुद करना चाहते है, तो Admission Form भरने के लिए यहां Click करे.

✦ अब आपके home स्क्रीन पर DVET (Directorate of Vocational Education and Training) का फस्ट पेज open होगा.

ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

✦ इसके बाद Candidate Login Option का चयन करें.

✦ Candidate Login का चयन करने के बाद New Candidate Registration और Registered Candidate Login ऐसा दिखाई देगा, अगर आप First Time यह प्रोसेस कर रहे तो New Candidate Registration का चयन करे,
ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

✦ या फिर आपका पहले से ही login ID बना है तो Registered Candidate Login का चयन करे.

✦ अब New Candidate Registration का चयन करने के बाद वहा आपको ID और पासवर्ड की जरुरत होगी उसके लिए आपको अपना ID पासवर्ड क्रिएट करना होगा.


ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

First Name       ☞ Last Name         ☞ Date of Birth 


Primary Mobile No. को verify करना है. Verify करने के बाद OTP आएगा उसे Submit करना है.        
☞ Secondary Mobile No. 


Email Id            ☞ Password          ☞ Conform Password 


Chapcha Code 


Register 

✦ अब आपको नोंदणी नंबर मिलेगा उसके जरिए तथा जो आपने अपना password रखा है उसके मदत से दोबारा Candidate Login करना है और अपने ITI भरने की शुरुआत करनी है.

ITI में Admission के लिए कैसे अप्लाई करे - How to apply for admission to ITI

✦ उसके बाद सभी प्रकार की जानकारी आपको भरनी होगी जैसे की आपका नाम, पता, मार्क्स, कास्ट आदि.
सभी Information भरने के बाद आपको उसकी प्रिंट आउट निकालनी है.

☛ Documents Verification :-

Registration फॉर्म की प्रिंट आउट और साथ में दो सेट आपके डाक्यूमेंट्स के तथा Original डाक्यूमेंट्स के साथ किसी भी नजदीकी ITI सेंटर जाकर वहा आपका Registration फॉर्म और आपके Original डाक्यूमेंट्स चेक करवा लीजिए. और अपना Application Conform कर लीजिए,

Application Form Conformation के लिए -
Unreserved Categorize के लिए 150 रु,
Reserved Categorize के लिए 100 रु, 
Outside Maharashtra State के लिए 300 रु,
Non Residential Area के लिए 500 रु, भरकर अपना Application Form Conform कर सकते है.

Conformation करने के बाद आपको Provisional Application Form के बजाय Conform Application Form मिलेगा, तभी आप ITI प्रवेश प्रक्रिया 2019 की आगे की प्रोसेस कर सकते है.

☛ Provisional Merit List :-

Registration Confirmation के कुछ दिनों बाद DVET की वेबसाइट पर Provisional Merit List Display होती है. आपको वह चेक करनी होगी, इसके लिए आपको DVET वेबसाइट पर Candidate Login करना है. और फिर चेक करना है की Provisional Merit List में आपका नाम है की नहीं.


☛ Final Merit List :-

इसके बाद DVET की वेबसाइट पर Final लिस्ट Display होती है. आपको यह सुनिश्चित करना है की Final लिस्ट में आपका नाम है. क्योंकि जितने लोगो का इस Final Merit List में नाम होगा उनका चयन ITI के लिए होता है. या वह प्रवेश के लिए पात्र होते है.

☛ Allotment List :-

उसके बाद DVET की वेबसाइट पर Allotment लिस्ट Display होती है, आपको वहां चेक करनी है. Candidate Login में जाकर आप चेक कर सकते है की आपको कौन सा College मिला है. अगर आपको आपका मनपसंद College मिला है और आप उसमे प्रवेश पाना चाहते है तो आपको निम्नलिखित प्रोसेस का चयन करना है.

☛ Reporting at College (Admission To Institute) :-

Conform किया हुआ लेटर और आपने Original डॉक्यूमेंट के साथ आप अपने चुने हुए College में जाए और उनके हिसाब से पूरी प्रक्रिया कीजिए. आपको प्रवेश Confirmation Latter देंगे, वह आपकी Admission Confirmation लेटर होगा. वह लेटर आपको आपका ITI पास होने तक संभालना है. आपके Education Scholarship के फॉर्म के लिए भी उस latter की जरुरत होती है.

तो दोस्तों इस तरह आप आद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) में दाखिला प्राप्त कर सकते है. अधिक जानकारी के लिए, किसी भी नजदीकी ITI में जाकर Admission प्रोसेस के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करे.

तो दोस्तों है ना आद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) की प्रवेश प्रक्रिया यह आर्टिकल आपके उपयोगी, तो फिर चलो जल्दी से इसे शेयर करना ना भूले और ऐसे ही नए-नए उपयोगी आर्टिकल के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए www.apnasandesh.com पर तब तक के लिए धन्यवाद.....

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Chisel का उपयोग कैसे करे - How to use Chisel

नमस्कार दोस्तों APNASANDESH.COM में आप सभी का स्वागत है. आज के लेख में हम आपको छेनी (चिझल) के बारे में विस्तृत जानकारी देने जा रहे है.

Chisel का उपयोग कैसे करे - How to use Chisel

चिझल एक प्रकार का ऐसा टूल है जिसे हम वर्कशॉप और इडस्ट्री में उपयोग करते है, तो आइए दोस्तों जानते है चिझल के बारे में जानकारी.

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Chisel का उपयोग कैसे करे - How to use Chisel :-

चिझल का परिचय - INFORMATION OF CHISEL :- 

दोस्तों चिझल का उपयोग किसी भी मेटल को काटने के लिए किया जाता है. लेकिन वह मेटल गर्म अवस्था में हो तभी चिझल का उपयोग किया जाता है, वैसे तो HACKSAW का भी उपयोग मेटल काटने के लिए किया जाता है, पिछले लेख में हमारे टीम द्वारा इसी के बारे में विस्तार से बताया है अगर आपने यह जानकारी नहीं पढ़ी तो ☛ यहां Click करे और पूरी जानकारी प्राप्त करे. लेकिन जहा HACKSAW का उपयोग नहीं करते वह चिझल का प्रयोग करके काम किया जाता है. मुख्यतः छेनि के दो प्रकार की होती है. (Hot And Cold)

छेनि के प्रकार - TYPES OF CHISEL :-

☘ हॉट छेनी (HOT CHISEL)

☘ कोल्ड छेनी (COLD CHISEL)

☘ फ्लैट छेनी (FLAT CHISEL)

☘ हाफ राउंड छेनी (HALF ROUND CHISEL)

☘ डायमंड पॉइंट छेनी (DIAMOND POINT CHISEL)

☘ क्रॉस कट छेनी (CROSS CUT CHISEL)

☘ साइड कट छेनी (SIDE CUT CHISEL)

☘ काउ माउथ छेनी (COU MOUTH CHISEL)

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हॉट छेनी - HOT CHISEL  :- 

हॉट छेनी का उपयोग लोहार करता है. क्योंकि उसे BLACK SMITH SHOP में उसका कार्य होता है, इस हॉट छेनी के व्दारा उसे गर्म लोहे को काटना या फिर उसमे सुराग करना इसके लिए किया जाता है. इस छेनी का प्रयोग करने के लिए इसमें लकड़ी से बने हेंडल या फिर टोंगल का प्रयोग किया जाता है. किसी भी गर्म जॉब को पकड़ने के लिए बार-बार उसे छेनी के मुह को पानी में डाला जाता है, ताकि छेनी की कटिंग एज ख़राब न हो.

कोल्ड छेनी - COLD CHISEL :- 

कोल्ड छेनी यह हार्ड कार्बन स्टील की बनी रहती है, और इसमें सल्फर का प्रमाण भी ०.०५% मिलाया जाता है, जिसके कारन यह और भी जादा गुणकारी हो जाती है. कोल्ड छेनी की बनावट अगल-अलग होती है, जैसा जॉब हो उस हिसाब से इसे बनाया जाता है. यह स्टील की भी बनी होती है, इसका साइज़ NORMAL साधारणतः २ इंच से लेकर ८ इंच तक बनायीं जाती है. इस छेनी का उपयोग हर इंडस्ट्री या फिर वर्कशॉप में किया जाता है. इसके व्दारा ठन्डे लोहे को काटने का काम किया जाता है, यह हात से पकड़कर कार्य भी अच्छी तरह से कर सकते है, तथा वर्तमान में अब यह बाजार में हर साइज़ की और शेप की आसानी से मिल जाती है.

फ्लैट छेनी - FLAT CHISEL :-

फ्लैट छेनी का उपयोग आमतौर पर फ्लैट शिट काटने के लिए किया जाता है, और इससे चिपिंग के लिए भी उपयुक्त में लाया जाता है. जब इस छेनी से मेटल को काटा जाता है तब मेटल किस प्रकार का है उसकी जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि सॉफ्ट मेटल काटने के इसका एंगल कम कर दिया जाता है, और हार्ड मेटल को काटने के लिए इसका एंगल को बड़ा दिया जाता है. इस छेनी के साइड को थोडा कट किया जाता है. ताकि कटिंग करते समय यह बिच में फस न जाये। इसका उपयोग पुराने रेवेंट को निकलने और जंग लगे नट बोल्ट की काटने के लिए भी किया जाता है.

हाफ राउंड छेनी - HALF ROUND CHISEL :- 

इस तरह की छेनी का उपयोग जादातर ऑटोमोबाइल वर्क शॉप वाले करते है. क्योकि जब जॉब पर आयल Grooves बनाये जाते है तब इस छेनी का उपयोग किया जाता है. बेअरिंग चेंनल बनाने की लिए भी इस छेनी का उपयोग किया जाता है. इस चिझल को हार्ड फोर्जिंग के व्दारा बनाया जाता है. किसी भी जॉब पर ड्रिल करते समय ड्रिल आउट हो जाता है, तब इस छेनी के व्दारा उसे सेंटर में लाया जाता है.

डायमंड पॉइंट छेनी - DIAMOND POINT CHISEL :- 

इस तरह की छेनी चौरस और टेपर की होती है. इसे भी फोर्ज करके बनाया जाता है, इसका मुह बहुत ही नुकीला होता है, जिसके कारन किसी भी जॉब की V शेप के खांचे आसानी से बनाये जाते है. और इसी के व्दारा फ्लैट जॉब के पउपर भी V शेप की झिरी को आसानी से बनाये जाते है, और इसके नाम से ही जाना जाता है की इसके पॉइंट पर डायमंड लगा है.

क्रॉस कट छेनी - CROSS CUT CHISEL :- 

दोस्तों आप सायद जानते होंगे की छेनी के बहुत से प्रकार होते है और उन में से एक प्रकार क्रॉस कट छेनी का भी है, इस छेनी से जॉब पर काम करते समय इस छेनी व्दारा झिरिया या खांचे बनाये जाते है, इस छेनी का कटिंग पॉइंट कम होता है ताकि चिपिंग या खांचे बनाते समय वह फस न जाये। इस छेनी का उपयोग कभी-कभी फ्लैट छेनी की जगह भी किया जाता है, और फ्लैट छेनी से रिवेट नहीं कर सकते वहां पर इस छेनी का प्रयोग किया जाता है.

साइड कट छेनी - SIDE CUT CHISEL :- 

जहां पर कभी फ्लैट छेनी का प्रयोग नहीं कर सकते वहां पर इस छेनी का प्रयोग किया हा सकता है. इस छेनी से Grooves को बनाया या काटा जा सकता है. इसका कटिंग पॉइंट एक और मुडा हुआ होता है, और चिपिंग को साफ़ करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.

सावधानिया - SAFETY PRECAUTION  :-

☛ छेनी पर हैमर का प्रहार करने से पहले हेंडल को चेक कर लेना चाहिए,

☛ छेनी और हेंडल पर किसी तरह का ऑइल लगा न रहे,

☛ कभी भी मशरूम हेड वाली छेनी का प्रयोग नहीं करना चाहिए,

☛ किसी भी जॉब की चिपिंग करना हो तो उसे चम्पर कर देना चाहिए, ताकि उसकी अच्छी तरह से चिपिंग हो सके,

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☛ जॉब को काटते समय छेनी की कटिंग एज को देखते रहना चाहिए,

☛ चिपिंग या फिर कटिंग करते समय गिनती नहीं करनी चाहिए,

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                                                                                                       Author By :- Prashant Sayre Sir

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