Tuesday, 29 May 2018

RCC कॉलम कैसे तैयार करे - How to prepare RCC columns

RCC कॉलम कैसे तैयार करे  - How to prepare RCC columns
          दोस्तों आपको इस लेख में  बांधकाम संबंध सभी जानकारी मिलने वाली है।  जैसे बांधकाम करते समय मुख्य पाया मजबूत बनाने के लिए R.C.C. ( रिएन्फोर्ड्स सीमेंट कॉंक्रीट ) का उपयोग करते है। धातु का ढांचा कॉंक्रीट भरने पर मजबूत होता है। सीमेंट कॉंक्रीट दबाने से मजबूत होता है लेकिन खिचाव पर कमजोर होता है। इसलिए कॉंक्रीट में धातु का इस्तेमाल करते है। इसीको R.C.C. ( रिएन्फोर्ड्स सीमेंट कॉंक्रीट ) के नाम से जाना जाता है। R.C.C. ( रिएन्फोर्ड्स सीमेंट कॉंक्रीट ) कॉलम मजबूत होता है इसलिए मकानों की लाइफ लम्बी समय ता रहती है। इस लेख में आपको R.C.C. ( रिएन्फोर्ड्स सीमेंट कॉंक्रीट ) को किस तरीके से तैयार किया जाता है।  इस बारे में सभी जानकारी मिलेगी।



सीमेंट कैसे बनाते है ? How do cement ?


            सीमेंट यह कॅल्शिअम , अल्युमिनियम ,मैग्नेशियम , और सिलिकॉन इस अनुसे ऑक्सिजन और हायड्रोजन के सयोग से बनाये जाता है। अल्युमिनियम और सिलिकॉन के ऑक्साइड सभी प्रकुर्ति में फैले हुए है। इनके मिश्रण को भट्ठी में गरम किया जाता है। उस समय उसमेसे पानी बाहर निकलता है और पिघलने जैसा होता है। ऐसे समय में उनका सयोग किया जाता है। और ठंडा करने पर उसको बारीक़ भूकटी में रूपांतरित करते है। उसे पोर्टलैंड सीमेंट के नामसे जाना जाता है। जब पानी के साथ उसी समय अलग अलग मॉलेक्यूल से बंध ( Bond ) से जोड़ा जाता है। इसी केमिकल बंध से सीमेंट को मजबूती मिलती है। लेकिन सीमेंट से अन्य वस्तुए जोड़े जाते है।  जब सीमेंट से रेती , खड़ी , का मिश्रण करने पर कॉंक्रीट बन जाता है। सीमेंट का प्रमाण कम होने पर भी वह मजबूत होता है। 

नोट : सीमेंट को गीले जगह से दूर रखे। 

मॉर्टर और कॉंक्रीट क्या है - What is mortar and concrete :-

RCC कॉलम कैसे तैयार करे  - How to prepare RCC columns
              
                सीमेंट से अलग अलग रेती , खड़ी , और पत्थर को मिलाके जोड़ा जाता है। सीमेंट की किंमत कम हो इसलिए अलग अलग आकर के रेती , खड़ी का मिश्रण किया जाता है।  रेती और सीमेंट के मिश्रण को मॉर्टर कहते है। सीमेंट , रेती ,और खड़ी के मिश्रण को कॉंक्रीट कहते है। कॉंक्रीट में पत्थर और सीमेंट का मिश्रण मजबूत होता है।  





R.C.C.  कॉलम तैयार करे :- 


साहित्य :       टॉर्शन बार , राउंड बार , बाइंडिंग वायर , लकड़ी , सीमेंट , रेती , पत्थर आदि 
उपकरण :      एरण , मेजरिंग टेप , गुण्या , छलनि , घमेल आदि। 
टूल्स :            छिन्नी , क्लॉ हैमर , थापी आदि। 

∎  टॉर्शन बार के दिए गए आकर से छिन्नी से तोड़े। 

∎  राउंड बार दिए गए माप के आकर के साथ छिन्नी से तोड़े। 

∎  बाद में राउंड बार को काटकोण माप में फ्रेम तैयार करे। 

∎  इस चौकोन फ्रेम में 20 - 21 सेमि के बाद टॉर्शन बार को बाइंडिंग वायर से जोड़े। 

∎  लकड़ी का ढांचा तैयार करे। 

∎  अब सीमेंट, रेती , खड़ी का मिश्रण केरे। 

∎  पानी का उपयोग करके कॉंक्रीट तैयार करे। 

∎  कॉंक्रीट को कॉलम के ढांचे में भरे। 

∎  अब दूसरे दिन कॉलम के लकड़ी फैली निकाले। 

∎  और उसपर 28 दिन तक पानी से भराव करे।

R.C.C.  कॉलम तैयार करते समय ध्यान रखे :-

➤  टॉर्शन बार के भाग कॉलम से 10 से 15 सेमि उचाई पर रखे 

➤  राउंड बार के बनावट के समय हुक बिच में रखे। 

➤  हुक के साथ दो गज 2 से 3 सेमि इतने चाहिए। 

➤  टॉर्शन बार चौकोन ढांचे में रखे। 

➤  ढांचा बनाते समय अलग अलग दिशाओ में जोड़ बनाये। 

➤  कव्हरिंग के लिए ढांचा सबसे बड़ा रखे। 

➤  मेझरिंग टेप से ढांचा जाचे। 

➤  कॉंक्रीट बनाते समय रेती,खड़ी , सीमेंट का मिश्रण करके फिर पानी डाले। 

➤  सुआत में कॉंक्रीट को दबाके भरे। आदि ,

गुणधर्म :- 

⧪  एक बार केमिकल प्रक्रिया होने पर सीमेंट पानी में लम्बे समय तक टीके रहती है। 

⧪  सीमेंट सभी समय में अच्छा काम करती है। 

⧪  कॉंक्रीट का उपयोग करते समय जिस भाग में तनाव निर्माण होता है वहा धातु का इस्तेमाल करते है। 

⧪  सीमेंट कभी गर्मी में जलता नहीं।  लेकिन अगर ज्यादा गर्मी हो तो स्पोट होता है। 

⧪  सीमेंट यह विद्युत या उष्ण ऊर्जा का वाहक नहीं। ( सीमेंट बिजली का दुर्वाहक है )

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