Monday, 21 May 2018

वाहनों में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक प्रणाली का महत्व - Importance of Electrical and Electronic Systems in Vehicles

वाहनों में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक प्रणाली का महत्व  - Importance of Electrical and Electronic Systems in Vehicles
     
     नमष्कार दोस्तों आज हम वाहनों के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले है। सभी वाहनों में इलेक्ट्रिकल प्रणाली कैसे काम करती है , उसके घटको के बारे में सविस्तर जानकारी प्राप्त करेंगे। उपयुक्त विषय की जानकारी प्राप्त करने से पहले इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के कुछ मौलिक शब्दों का विवरण आपको बता देते है।

मौलिक शब्द  :-

 • ऐम्पियर ( Amps ) :-

         यह एक इलेक्ट्रॉन प्रवाह की इकाई है। ऐम्पियर के उपयोग से कितने इलेक्ट्रॉन एक चालक ( कंडक्टर ) में एक सेकण्ड में कितने प्रेरित हो रहे जान सकते है। इसे Amps ( A ) नामक यूनिट दिया है।

 • वोल्ट ( Volts ) :-

        यह विद्युत विभक ( इलेक्ट्रिक पोटेनशल ) का मापक है। Volts ( V ) = E ( इलेक्ट्रोमोटिव्ह बल )

 • रेजिस्टेन्स  ( प्रतिरोधक ) ( Ohms या Ω ) :- 

        ओहम प्रतिरोधक की इकाई है। Ohms ( Ω )  =  R  ( प्रतिरोध इलेक्ट्रॉन का प्रवाह )

 • ओहम का नियम :-

           परिपथक में विद्युत धारा का प्रवाह प्रयुक्त वोल्ट से सीधे आनुपातिक और प्रतिरोध है। ओहम के नियम को समीकरण के रूप में व्यक्त किया गया है , जो वोल्ट ( E या EMF ) विद्युत धरा के प्रवाह ( I ) और प्रतिरोधक ( R ) के बिच संबंध दिखता है।

                             E = I * R    or VOLTAGE = AMPS * RESISTANCE

                             Ohams Law :-    V = I * R

• शक्ति ( Power ) :- 

             कई सारे विद्युत उपकरणों का मुल्यांकन करने के लिए पावर का उपयोग किया जाता है। शक्ति के खपत को Watt में किया गया है जो ( W ) से निर्दिष्ट किया गया है। शक्ति ,वोल्ट , और विद्युत धारा को विभिन्न समीकरणों में व्यक्त किया है।

                                                     W = E * I

                                                     W = V * I

यह आर्टीकल जरूर पढ़े.........
AUTOMOBILE  TECHNOLOGY  
   NATURE (  प्रकुर्ती  )

विद्युत प्रणाली के प्रमुख घटक :-

वाहनों में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक प्रणाली का महत्व  - Importance of Electrical and Electronic Systems in Vehicles

बैटरी :-  

            बैटरी का उपयोग वाहनों में विद्युत शक्ति के पूर्ति के लिए होता है।  जिससे गाड़ी की स्टार्टिंग मोटर स्टार्ट होकर इग्निशन सिस्टिम तक विद्युत धारा  काम करती है। बैटरी कुछ समय तक ऊर्जा भंडार करती है।  जिससे गाड़ी को स्टार्ट किया जा सकता है। आधुनिक समय में सभी वाहनो में इलेक्ट्रिक सिस्टिम का उपयोग किया जाता है।

          यह ऐसी प्रणाली है जो पुरे वाहन को शक्ति प्रदान करती है।जब इंजिन बंद रहता है तब सभी इलेक्ट्रॉनिक सहायक को विद्युत ऊर्जा प्रदान करने का काम बैटरी करती है। बैटरी में विद्युत ऊर्जा का उत्पादन रासायनिक प्रक्रिया द्वारा होता है। बैटरी कितनी मात्रा में ऊर्जा उत्पन कर सकती है यह उसके आकार, प्लेट, भार, ये सब सामग्री से और लिड एसिड इलेक्ट्रोलाइट पे निर्भर है।


लिड एसिड बैटरी के विभिन्न घटक :- 


  1.  पोझिटिव प्लेट
  2.  निगेटिव प्लेट
  3.  सेपरेटर
  4.  इलेक्ट्रोलाइट
  5.  कवर
  6.  इंटर सेल कनेक्टर्स
  7.  टर्निनल

यह आर्टीकल जरूर पढ़े.......
AUTOMOBILE  TECHNOLOGY  
 ELECTRICAL  TECHNOLOGY  

स्टार्टिंग मोटर :-

           स्टार्टिंग मोटर बैटरी से डायरेक्ट करंट को Traction ( कर्षण )  करके इंजिन को चालू करती है। जब स्टार्टिंग मोटर इंजिन को ट्रैक्शन करती है तो बैटरी से कुछ समय तक ( 4 - 5 सेकण्ड ) 250 Amps विद्युत धारा track होती है।

अल्टरनेटर :-

          जब इंजिन चल रहा होता है तो अल्टरनेटर इंजिन के एक पुल्ली के साथ V बेल्ट से चलाया जाता है ,और उसीसे अल्टरनेटिंग करंट उत्पन होता है। और रेक्टिफायर के सहायता से Alternating current को Visible current में परिवर्तित करता है। जब इंजिन चल रहा होता है तो चार्जिंग सर्किट के मदत से बैटरी को करंट प्रदान करता है।

इग्निशन कॉइल :- 

         यह एक ट्रान्सफार्मर जैसा यूनिट होकर इसे इंजिन के इग्निशन सिस्टिम में फिट किया जाता है।  जिसके मदत से 12 वोल्ट डी -सी ( डाइरेक्ट करंट ) को 2200 वोल्ट डी - सी में कन्वर्ट करके लो टेंशन को हाय टेंशन करंट में प्रवृत करके स्पार्क प्लग को प्रदान करता है।

डिस्ट्रीब्यूटर : -

        डिस्ट्रीब्यूटर का कार्य हाय टेंशन करंट को फायरिंग क्रम के नुसार स्पार्क प्लग को वितरित करना होता है।

अन्य महत्वपूर्ण उपकरण :-
           हेड लाइट, साइड लाइट, रिअर लाइट, ब्रेक लाइट, रिवर्स लाइट, फॉग लाइट, इंडिकेटर लाइट, हार्न, स्क्रीन वाइपर, इंधन पंप, सेंसर ये सब बैटरी के विद्युत ऊर्जा से चलाये जाते है।


यह आर्टिकल्स जरूर पढ़े........
   शोध और विकास
       टेक्नोलॉजी

Article By

He is CEO and Founder of www.apnasandesh.com. He writes on this blog about Tech, Automobile, Technology, Education, Electrical, Nature and Stories. He do share on this blog regularly. If you want learn more about him then read About Us page

हमें ट्विटर पर फॉलो करे

Popular Posts

हमें Email पर Follow करे