Tuesday, 22 May 2018

ट्रांसमिशन सिस्टम का महत्व - Importance of transmission system

संचारण प्रणाली का महत्व - Importance of transmission system

      दोस्तों पिछले पोस्ट में हमने इंजिन के बारे में जाना है। जैसे इंजिन एक वाहनों का महत्व पूर्ण घटक है वैसे ही ट्रांसमिशन सिस्टिम वाहनों में महत्वपूर्ण है। ट्रांसमिशन द्वारा वाहनों के पहिये को चलाया जाता है। ट्रांसमिशन से इंजिन की अधिक गति को धीमी किया जाता है। ट्रांसमिशन सिस्टिम में उपयोग में आने वाले महत्वपूर्ण घटक गिअर बॉक्स, क्लच असेम्ब्ली, प्रॉपेलर शाफ्ट, डिफ्रेंशिअल प्रणाली है।

क्लच असेम्ब्ली का कार्य :-  

                  क्लच इंजिन से आने वाले पावर को एंगेज और डिसएंगेज करके ट्रांसमिशन सिस्टिम के गियर बॉक्स तक भेजता है। 

क्लच असेम्ब्ली के प्रकार कुछ इस तरह है। 

1.  फ़्रिक्शन क्लच 
    •  सिंगल प्लेट क्लच 
    •  मल्टी प्लेट क्लच 
    •  कोन क्लच

2.  सेंट्रीफ्यूगल क्लच 

3.  सेमि सेंट्रीफ्यूगल क्लच

4.  कोनिकल क्लच या डायफ्राम क्लच

5.  हाइड्रोलिक क्लच

6.  इलेक्ट्रो-मैगनेटिक क्लच 
    •  टेपर टाइप 
    •  क्राउन स्प्रिंग टाइप
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गिअर बॉक्स :- 

     गियर बॉक्स एक वाहनों में महत्व पूर्ण घटक है, जिससे इंजिन और पहियों के बिच के टॉर्क को आवश्यकता नुसार बदला जाता है। गियर बॉक्स एक महत्व पूर्ण घटक होके उसे कई विविध प्रतिरोधों का सामना करना पड़ता है। जैसे की,

रोलिंग रेजिस्टेंस :-

   •  सड़क की सामग्री - सीमेंट, डामर आदि। 
   •  सड़क के गुण- चिकनी या खुरदरी, गीली या सुखी। 
   •  टायर की डिझाइन 
   •  टायर का दाब

एअर रेजिस्टेंस :-

   •  वाहन की गति - धीमी, माध्यम, तेज 
   •  हवा की गति और दिशा

ग्रेडोयनर रेजिस्टेंस :- 

   •  सड़क की ढलान - पहाड़ से निचे की और या ऊपर की और, समतल। 
   •  वाहनों का वजन - हलका, भारी।


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ट्रांसमिशन गियर बॉक्स प्रकार कुछ इस तरह है ,


1.  मैनुअल ट्रांसमिशन :- 

         यह एक महत्व पूर्ण घटक है, इसे कन्वेंशनल गियर बॉक्स के नाम से भी जाना है।

2.  सेमि ऑटोमोटिव ट्रांसमिशन :- 

         यह एक ऐसी प्रणाली है जो मैनुअली और ऑटोमैटिकली उपयोग में लाया जाता है। 

3.  ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन :- 

       यह एक सिस्टिम का प्रयोग बड़े वाहनों में किया जाता है, जो शहरो और भीड़ - भाड़ राजमार्ग पर चलती है।

गियर कैसे काम करता है ?  

संचारण प्रणाली का महत्व - Importance of transmission system

         गियर के सिद्धांत के अनुसार ड्राइवर ( चालक ) गियर में 60 दंत है और यह गियर बड़ा है, तथा यह एक बार घूमता है। ड्रिवन ( चालित ) गियर में 30 दंत है।  तो ड्रिवन गियर कितने बार घूमेगा जानने के लिए 60 दंत को 30 दंत से विभाजित करे।

प्रोपेलर शाफ्ट क्या है ?


      यह एक ऐसी प्रणाली है जो गति को डिफ्रेंशिअल तक वहन करता है। जिस से वाहन के पिछले पहिये घूमते है। प्रोपेलर शाफ़्ट हल्का और अछि तरह संतुलित होना चाहिए जिस से गति पर कंपन या लपक ना सके, इन करनो से प्रोपेलर शाफ़्ट स्टील ट्यूब से बनाया जाता है। कुछ अन्य करने को सहारा देने के लिए प्रोपेलर शाफ़्ट के निकट बेअरिंग लगाया जाता है। कुछ प्रोपेलर शाफ़्ट को दो भागो में बनाया है, तथा उसके केंद्र को सहारा देने के लिए बेअरिंग लगाया जाता है।

संचारण प्रणाली का महत्व - Importance of transmission system

प्रोपेलर शाफ्ट की आवश्यकता क्यों है ?


      प्रोपेलर शाफ्ट एक ऐसा घटक है जिसके माध्यम से कुसल परिवहन किया जा सकता है। वाहनों की गति गियर बॉक्स से डिफ्रेंशिअल और वहा से पिछले पहिए तक पहुचाना होता है। आम तौर पर प्रोपेलर शाफ्ट का आकार सातत क्रियाशील टॉर्क , पावर स्त्रोत , और सतत सही चल कोण पे निर्भर है। 

यूनिवर्शल कोण : यह ऐसा एक माध्यम है जिस से दो अलग अलग भागो को जोड़ा जा सकता है। इस प्रणाली में ट्रांसमिशन के इनपुट शाफ़्ट और प्रोपेलर शाफ़्ट को जोड़ा जाता है , जिस से गति को आगे बढ़ा जा सके। साथ ही में प्रोपेलर शाफ्ट के पिछले एंड को और डिफ्रेंशिअल के इनपुट ( पिनियन ) शाफ्ट को जोड़ा जाता है। और गति को वाहनों के रिअर एक्सल में पहुंचाया जाता है।

यूनिवर्सल जॉइंट के प्रकार कुछ इस तरह है:-   

  •  क्रॉस टाइप,
  •  कॉनस्टेंट वेलोसिटी टाइप,
  •  कपलिंग टाइप ,
  •  पॉट टाइप,

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