Saturday, 19 May 2018

Wheel invention - पहिए का अविष्कार

पहिए का अविष्कार- Wheel invention
दोस्तों आज हम एक यांत्रिकी आविष्कार पहिया के बारे मे सविस्तर जानते है। पहिया सभी समय के सबसे महत्वपूर्ण यांत्रिकी अविष्कारों मे से एक माना जाता है। सभ्यता की सुरुवात के बाद पहिया आदमी द्वारा इस्तेमाल किया गया है। पहिए के अविष्कार के समय से अधिकांश प्राचीन प्रौधोगिकीया इसके सिद्धांतो पर आधारित है। 

              पहिए का अविष्कार संभवत: नियोलिथिक युग के समापन के समय हुआ था।  यह संभावना है की यह अन्य तकनिकी उन्नतियों के साथ हुआ , जिनसे आरंभिक ताम्र युग की शुरुआत हुई।

➢  4500 ई. पु. : कुम्हार के पहिए का अविष्कार , कैलकोलिथिक ( उबैद अवधि ) 4500 - 3300 ई. पू.:
         कैलकोलिथिक , सबसे पहले पहिए वाले वाहन , घोड़े को पालतू बनाना।
➢  3300 -2200 ई. पू : आरंभिक ताम्र युग
➢  2200 - 1550 ई. पू : मध्य ताम्र युग , तीली वाले पहिए और रथ का अविष्कार।



पहिए का अविष्कार - Wheel invention :-

                 औद्योगिक क्रांति के बाद से पहिया मानव जाती द्वारा निर्मित लगभग हर मशीन का एक बुनयादी तत्व है।  जबकि पहिए के आविष्कार का सही समय और स्थान विवदित रहा है किन्तु इसकी शुरुवात प्राचीन सब्यताओ में देखि जा सकती है।

                     इतिहास हमें बताता है की पहिए का आविष्कार संभवत: 3500 ई. पू. के आसपास मेसोपोटामिया ( आधुनिक समय में इराक ) में किया गया था।  इसका अर्थ यह है की पहिया लगभग 5500 वर्ष पुराना है।

                   परिवहन के लिए पहिए का इस्तेमाल पहली बार 3200 ई. पू मेसोपोटामिया के राथो में किया गया था।  भारतीय पुराणों में पहिए वाले रथो के अनेक संदर्भ लगभग 3000 ई. पू के समय में मिलते है। यह जानना दिलचस्प है की वाहनों में इस्तेमाल से पहले इन पहियों को औद्योगिक या विनिर्माण अनुप्रयोगों में लिया गया है। उस समय सबसे पहले लगभग २००० ई. पू में अपने रथो में तीली वाले पहिए इस्तेमाल किए और यूरोप में 1400 ई. पू में पहियों का उपयोग आरंभ किया गया है।
             
पहिए का अविष्कार- Wheel invention
          
              शुरूआती पहिए एक एक्सल के लिए छिद्र सहित लकड़ी के डिस्क के समान सरल सरचना के होते थे।  लकड़ी की सरचना के कारण पेड़ के तने से लिए गए आड़े स्लाइस उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इनमे गिरे बिना बजन को समर्थन देने की सरचनात्मक शक्ति नहीं होतो है। इसके लिए लम्बे बोर्ड के गोल टुकड़ो की आवस्यकता होती है। लकड़ी के पहिए और इसके एक्सल के सबसे पुराने ज्ञात उदहारण 2003 में जुबलाना के दलदल में पाए गए थे जो स्लोवेनिया की राजधानी जुबलाना से 20 की. मि. की दुरी पर दक्षिण में थे।  रेडियो कार्बन डेटिंग के अनुसार ये 5100 से 5350 वर्ष पुराने थे।  इसका व्यास ७२ से. मी. ( 28. इंच ) है और ये एश वुड से बने है , जबकि इसका एक्सल ओक की लकड़ी से बना है। 
         
           तीली वाले पहियों का अविष्कार कुछ बाद में हुआ था और इससे कुछ हल्के और मजबूत पहियों का निर्माण किया गया।  सिंधु घाटी की हड़प्पा सभ्यता तथा उत्तर पश्चिमी भारत में पेंट की गई तीलियों के साथ मिटटी के बने हुए खिलौना गाड़ी के पहिए मिले या प्राचीन शिला लेखो में तीली वाले पहियों के संकेत तीसरी सताब्दी के द्वितीय अर्ध में पहले ही पाए गए।

लकड़ी के तीली वाले पहिए :-

पहिए का अविष्कार- Wheel invention

           लकड़ी की तीली वाले पहियों के सबसे आरंभिक ज्ञात उदहारण एड्रोनोवो संस्कृति के संदर्भ में है जो 2000 ई. पू. के समय में थी।  इसके शीध्र बाद कॉकेशियन क्षेत्र में घोड़ो से चलाए जाने वाले तीली युक्त पहियों के रथ उपयोग किए जाते थे, जो तीन शताब्दियों तक इस्तेमाल किए गए।  वे ग्रीक पेनिनसुला में लम्बे समय तक चलाए गए, जहा उन्होंने मेडिटेरनियन लोगो के साथ मिलकर मीनोंअन प्रभुत्व को समाप्त करने के बाद अंतत: क्लासिकल ग्रीक संस्कृति को जोड़ा और इस समेकन से पूर्व क्लासिकल स्पाटा तथा एथेन्स की ओर प्रगति हुई।  पहली सताब्दी ई. पू. के दौरान पहिए के आस पास लोहे की रिम लगानी आरंभ की गई। तीली वाले पहियों का उपयोग 1870 तक किसी बड़े बदलाव के बिना तब तक जारी रहा जब तक तार वाले पहियों और न्युमेटिक टायरो का आविष्कार किया गया।

            पहिए का आविष्कार सामान्य तौर पर प्रौद्योगिक के लिए भी महत्वपूर्ण रहा है।  इसमें पानी के पहिए , कोगविल ( एंटिकायथेरा प्रक्रिया भी देखे ) , स्पिनिंग विल और एस्ट्रोलेब या अनुप्रयोग महत्वपूर्ण है।  पहिए के अन्य आधुनिक स्वरूपों में प्रोपेलर , जेट इंजिन , फ्लाईविल और टर्बाइन शामिल है। 



           पहिया एक गोलाकार घटक है जो अपने केंद्र पर घूम सकता है। एक्सल के साथ मिलकर पहिया लोड को सहारा देते हुए बड़ी आसानी से भारी वस्तुओ को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा सकता है।  पहिया और पहिए की असेम्बली का मुख्या घटक है।  शुरूआती गाड़ियों में पहिए और एक्सल का उपयोग किए जाते थे। 

             एक पहिए से एक्सल का उपयोग करते हुए गोल घूमने की गति द्वारा घर्शन में बहुत कमी आती है।  पहिए को घुमाने के लिए इसके अक्ष के पास पहिए पर बल लगाकर , या तो गुरुत्वाकर्षण द्वारा , या एक अन्य बाहरी बल लगाकर चलाया जाता है।  एक पहिया ऐसी युक्ति है जो एक सतह पर वास्तु की दक्षतापूर्व गति को सक्षम ,  जहा सतह पर वास्तु को दबाने वाला बल मौजूद है। इसके सामान्य उदहारण है घोड़े द्वारा एक गाड़ी को खींचना या जहाज की फ्लैप प्रक्रिया पर रोक। 

पहिए का अविष्कार- Wheel invention
पहिए का अविष्कार- Wheel invention












गति पर अल्प प्रतिरोध ( खींचने की तुलना में ) पहिए की भूमिका :-

  ➢  ढलान वाले इंटरफेस पर सामान्य बल सामान होता है।
  ➢  ढलान पर तय की गई दुरी , यात्रा के लिए दी गई दुरी की तुलना में कम हो जाती है।
  ➢  इंटरफेस पर घर्षण का गुणांक आम तौर पर कम होता है।

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