Tuesday, 26 June 2018

एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है - How the air conditioning system works

प्रकृति के बदलाव में मानव ने कई सारे आविष्कार किए है जैसे Technical, Agriculture, Medical, Mechanical, आदि जगह. दोस्तों वैसे ही आज इस आर्टिकल के माध्यम से एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है (How the air conditioning system works), How to use Air conditioning (Air conditioning ka upyog kaise kare in hindi) कूलिंग सिस्टिम का परिचय क्या है? एयर कंडीशनिंग का उपयोग कैसे करे, कूलिंग सिस्टिम के प्रकार कितने है, Info in Hindi. इस सिस्टिम में होने वाले बदलाव, कार्य प्रणाली System, आदि के बारे में जानने वाले है.


एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है - How the air conditioning system works

एक विशिष्ठ जगह के तापमान को वातावरण के तापमान से कम करने के लिए Air conditioning system का इस्तेमाल होता है. इस System में Temperature को Maintain रखने के लिए ''रेफ्रिगेरेंट'' (Refrigerant) का उपयोग होता है. Air conditioning system या Refrigeration System के मदत से एक विशिष्ठ जगह का तापमान निकाल उसे ठंडा या शीतक बना देता है. refrigerant उपयोग में लाने वाले द्रव पदार्थ का विशेष गुणधर्म याने उष्णता को आत्मसात कर उसे वायु में रूपांतरित करता है. Automobile सेक्टर में Car Air conditioning system के लिए डायक्लोरो डायक्लोरो मीथेन (CCL₂F₂) याने Freon 12 (F12) या R-22 इस द्रव पदार्थ का उपयोग refrigerant के तौर पर किया जाता है. 

एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है - How the air conditioning system works :

इस समय refrigeration system विशिष्ठ तापमान को कम करता है. उस समय वातावरण का तापमान अधिक होता है, ऐसे समय में विशिष्ठ जगह का कम तापमान व आजू बाजु के तापमान में फरक कायम रखने के लिए विशिष्ठ जगह पर उष्णतारोधक पदार्थ का आवरण लगाया होना चाहिए. कार AC system में अन्य कई प्रकार के कार्य होते है. 


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कार ए.सी प्रणाली की संरचना - Composition of car AC system :

✦ कार एसी system के सभी घटक इंजिन कोम्पोनेंट (Engine component) में लगाए होते है.

✦ इंजिन के बाजूमे कोम्प्रेसर (Compressor) फिटिंग किया जाता है.

✦ Compressor को Crank shoft पुल्ली से व्ही बेल्ट के माध्यम से ड्राइव देते है.

✦ Compressor के आउटलेट पर Condenser Assembly बाजूमे बना है.

✦ Condenser के आउटलेट पाइप पर Receiver/Dryer व Dual Pressure Switch जुड़ा होता है.

✦ इस system के आउटलेट लाइन के आगे Expansion Valve के मदत से Evaporator या Cooling Coil को जोड़ते है.

✦ Evaporator यह घटक इंजिन के पिचले डैश बोर्ड के अंदर फिट होता है. कार AC system में 600 ग्राम refrigerant उपयोग होता है. जो रिप्रोसेसिंग के जरिए वाहन के अंदर दिए हुए AC system में काम करता है.

कार AC system के घटक - Components of Car AC System

◆  Compressor (कंप्रेसर)
◆  Magnet Clutch (चुंबक क्लच)
◆  Condenser Assembly (कंडेनसर असेंबली)
◆  Receiver/Dryer (रिसीवर/ड्रायर)
◆  Dual Pressure Switch (दोहरी दबाव स्विच)
◆  Expansion (विस्तार)
◆  Evaporator (बाष्पीकरण करनेवाला)
◆  Blower  (ब्लोअर)
◆  Duct (डक्ट)

◆  Compressor (कंप्रेसर) :-

Compressor कार AC system इंजिन के बाजु में फिटिंग किया होता है. Compressor क्रैंक शाफ़्ट व्ही पुली पर फिटिंग किया होता है और पुली के माध्यम से इसे Drive दिया जाता है. Low Pressure refrigerant को Compressor सिलेंडर में सक्शन करते हुए पिस्टन के माध्यम से हाय pressure heated व्हेपर में रूपांतर करता है. इस समय दबाव साधारणतः 1.4 to 3.5 की.ग्र./चौ.से.मी.इतना होता है. Temperature बढे हुए refrigerant को डिस्चार्ज लाइन तक पुराया जाता है. सभी प्रकार के एयर कंडिशनिंग system में refrigerant को प्रवाहित करने का काम Compressor करता है. 



◆  Magnet Clutch (चुंबक क्लच) :-

मैग्नेटिक क्लच Compressor के ड्राइव पुली के पीछे फिटिंग होता है. कार में 24 व्होल्ट के बैटरी पर मैग्नेटिक क्लच का कार्य है. Compressor के कार्य प्रणाली system में सबसे मौलेवन घटक याने मैग्नेटिक क्लच है. जिसके माध्यम से Compressor को चलाया जाता है. मैग्नेटिक क्लच के माध्यम से सभी प्रकार के यूनिट का तापमान कम करके उसे Maintain रखता है. 

◆  Condenser Assembly (कंडेनसर असेंबली) :-

एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है - How the air conditioning system works
Condenser गोलाकार रचनात्मक होता है जिसे रेडिअटर के साइड पोर्शन में फिटिंग किया जाता है. Condenser बॉडी फिन्स और ट्यूब इस अल्युमिनिअम इस material से बनी होती है. Condenser के माध्यम से निर्माण होने वाले उष्णता को रेडिअटर के एयर कुल्ड सिस्टम में सितक तैयार करने का काम है. Condenser एक कूलिंग system होके तापमान को कम करने में मदत करता है. 

◆  Receiver/Dryer (रिसीवर/ड्रायर) :- 

Condenser के आउटलेट पोर्ट पर Receiver/Dryer किया होता है. कार AC system के लिए Vertical Type Receiver उपयोग होता है. Condenser से बहर निकलने वाले refrigerant को आगे प्रवाहित करता है. Receiver में ड्राइव के लिए सिलिका जेल, कल्शिअम क्लोराइड व कल्शिअम oxide उपयोग होता है.  

◆  Dual Pressure Switch (दोहरी दबाव स्विच) :- 

Dual Pressure Switch (दोहरी दबाव स्विच) का उपयोग जब AC system में refrigerant pressure प्रमाण से कम या ज्यादा यदि हो गया तो इलेक्ट्रिक system कनेक्शन ओपरेट होउन मैग्नेटिक क्लच और कंडेंसर फैन कार्य करने लगता है. AC system में अगर refrigerant लीकेज हो तो यह system Compressor का कार्य रोककर Compressor की झीज कम करता है.

◆  Expansion (विस्तार)

इस system को Evaporator के इंटेल को जोड़ते है। रिसीव्हर से आने वाले refrigerant के दबाव को कम करने के लिए और प्रवाह को नियंत्रण रखने के लिए व्हाल उपयोग होती है.

◆  Evaporator (बाष्पीकरण करनेवाला)

Evaporator को कूलिंग coil के नाम से जानते है. इंजिन के पिछले हिस्से के डैश बोर्ड के अंदर Evaporator फिट होता है. एक्सपांशन व्हालसे आने वाले लिक्विड refrigerant को Evaporator ट्यूब में प्रवाहित होते समय उष्ण हवा ब्लोअर अपने तरफ खीच लेता है इसलिए वायुरूप refrigerant आगे Compressor सक्शन लाइन के जरिए Compressor को आता है. 

एयर कंडीशनिंग सिस्टम का कार्य - Working of air conditioning systems

एयर कंडीशनिंग सिस्टम कैसे काम करता है - How the air conditioning system works
AC का स्विच चालू करते ही डैश बोर्ड के निचले हिस्से का ब्लोअर चालू होता है. डैश बोर्ड के निचले हिस्से की डक्ट के जरिए उष्ण हवा ब्लोअर से खिची जाती है और वह Evaporator या कूलिंग Coil पर फेकी जाती है. इस समय Evaporator से प्रवाहित होने वाले refrigerant का दाब व तापमान कम रहता है. ऐसे स्थिति में Evaporator के बाजुकी उष्णता सहन करता है.

परिणामी उस हवा को ठंड कर उसे डैश बोर्ड के ग्रिल से कार के अंदर फेकी जाती है. इस घटना से उस समय होने वाले बाष्प को सहन कर Evaporator के आउटलाइन Compressor कनेक्ट होता है. कंडेंसर आउटलेट से refrigerant रिसीव्हर में आता है. रेफ्रिजरेशन system में बाष्प होने के कारण वह से ड्रायर सहन करता है और refrigerant दबाव कम होता है. ऐसे कम तापमान का refrigerant आगे Evaporator कमें स्प्रे के माध्यम से आता है. और इस system में वायुदाब होने के कारण यह प्रोसेस दोहराई जाती है. इसी तरह कार की AC system कार्य करने लगती है. 



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