Tuesday, 30 October 2018

दिमाग का परिचय - Introduction to the brain

अपने मन का परिचय करे। मन एक विचार शक्ति का भंडार है जिसमे Positive और Negative विचारो का संचार होते रहता है। यह एक चुनौती है की हम अपने मन को कैसे काबू में करे, की वह हमारे Control में हो।

Introduction to the brain

मन के Control के कारण स्वसामर्थ्य में प्रवेश होता है। मन के सामर्थ्य इस का उपयोग करके मन का ताण-तणाव दूर करते आता है। नकारात्मक विचारो को मात करता है। आत्मविश्वास बढता है। कार्यक्षमता बढती है। आपको जो सिध्द करना है वह आसानी से सिद्ध कर सकते है। उसका उत्तम प्रकार नियोजन करना है। अपने मन में अलावी ससंगता निर्माण होती है। आपको जो पढाई ध्यान में नही रहता उन में उन्नति होती है। तब ये तरीका क्या है ? और इस तरीके का रोज के जिवन में क्या उपयोग है। ये जानना बेहत महत्वपूर्ण है।



दिमाग का परिचय - Introduction to the brain

ये तरीका शीतलता की प्रक्रिया है। इस तरीके का उपयोग रोज के दैनदिन जिवन में आसानी से करते आता है। इस के लिए एक स्वतंत्र रूम या कोई खाली जगह रहे तो उत्तम होगा ।

✿ सुबह या रात के समय यह प्रक्रिया करना चाहीये। बोहोत शोर या आवाज नही होना चाहीऐ ।

✿ रूम में प्रकाश या अंधेरा रहेगा तो उत्तम है, शरीर पर कपडे या श्याल रहना चाहीये, मध्यम प्रकाश के लिये डिम लाईट या मोमबत्ती का उपयोग करे।

✿ आप एक तो खुर्ची पर बैढे या पलंग, चटई पर लेटो धीरे-धीरे अपनी आखे बंद करे अपना ध्यान सिर के बिच के बिंदू पर केंद्रित करे।

✿ यही केंद्रित रखके धीरे-धीरे एक माध्यम से सास लो, और धीरे-धीरे छोडो फिर से एक बार, फिर से एक बार इस के बाद शरीर के अंगो को मासपेषी को आप को आराम देना है।

✿ शरीर के जिस भाग को आराम देना है उसे हलका सा तनाव देना और ढिला छोड देना है, फिर आराम करना है। धीरे धीरे सभी जगह आराम लगने लगता है, माथा आराम करने लगता है। आखे आराम करे है,पलके, नाक , ओठ, गाल, कान, आराम करते है।

✿ सभी शरीर का एक एक अंग चेहरा रिलॅाक्स होता है। चेहरे की मासपेषी रिलॅाक्स हो जाती है।

✿ अब धिरे-धिरे दोन्हो कंधे ढीले करो कंधे के मासपेषी को आराम करने दो। दोन्हो बाही, कोना, हथेलीया, ऊगंली रिलॅाक्स और गर्दन को भी आराम करने दो, छाती, नेट, पेट के स्नायु, कमर ,घुडने, चार, पैरोका कोना, तलवे, उगंली, आदि रिल्याक्स हो रहे है। 



✿ इस प्रकार पुरे शरीर पैरो के तलवे से लेकर सिर के मेंदू तक रिलॅाक्स होने दो। शरीर पर कुछ भी तनाव, लोड, प्रेशर, बर्डन नही होना। अब आपको हलका हलका फ्रेश लग रहा होगा।

✿ अब आपको जो समस्या है, उसे दूर करणे के लिए सुचना देने के लिए मन को तैयार करो, उदा. पढाई में मन न लगना, ध्यान में नही रहना, परिक्षा का डर इत्यादी।

✿ मै रोज नियीमत रूप से पढाई अच्छी तरह से तैयार करके सुबह श्याम नियमीत रूप से पढाई कर रहे है। मेरी पढाई में रूची बड रही है।

✿ आप आपने आपको एकांत में पढाई करके देखो। देखो की आप सभी विषय की पढाई आप पूर्ण मन लगा के करे।

✿ कल्पना करे कि आप जो-जो पढ रहे है उसे याद रख रहे हो ,वो आप को याद रहेगा।

अब निश्चित ही आपने पढा हुआ आपके स्मरण में रहता है। महत्त्वपूर्ण भाग याद रखने के लिए आप पढते रहे लिखते रहे, निश्चित ही सफलता मिलेगी।

एकाग्रता क्या है - What is concentration

पढाई करते समय पढाई मे मन नही लगता, किताब आखो के सामने होते हुए भी किताब मे ध्यान नही रहता, ध्यान कही पर भी लगा रहता है । ध्यान किसी और तरफ लगा रहता है ।
उदा. वो ऐसा कहने लगा, उन्होने ऐसा कहा, कैस उसे बनाया, कैसी उसकी पतंग काटी, अपने आखो के सामने वो और उसे जैसा घुमता हुआ नजारा, ऐसे खयालो में खो जाना।


ऐसी पढाई, एसी पढाई का क्या फायदा जिसमे समय बरबाद होता है । रात थोडी और नकरे जादा बोलते है ना वो वहि होता है । जब पढाई करते समय पढाई मे ध्यान देना चाहीए । एकांत होना चाहिए अपना मन पूरी तरह से तैयार करना चाहिए । इस के लिऐ भारत में पाच हजार साल पुराने एकग्रता मंत्र की खोज हुई थी ”श्री यंत्र“ यह यंत्र का प्रयोग कर एकाग्रता बढ़ा शकते है। उसके लिऐ उसी का ध्यान लगातार करके ध्यान यंत्र के माध्यम से दाया दिमाक और बाया दिमाक संतूलित निर्माण करेगा और धिरे-धिरे अपनी एकाग्रता बढने लगेगी।

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दिमाग का परिचय - Introduction to the brain

आप इस श्री यंत्र की झेराॅक्स काॅपी निकाल सकते हो और उसे दिवाल पर चिपका सकते हो और उसे रोज पढे और अपनी एकाग्रतो को बढ़ा सकते है। इस यंत्र से आपको बहुत लाभ मिलेगा ध्यान रखे जब अर्जुन ने तोते के आखो पर बाण मारा तब उनके गलेमे मोती की माला गिरी। अगर पेट पर मारा होता तो उनके गलेमे मोती की माला गिरती क्या ? तब पढाई पर ध्यान रखे उस ध्यान पर ही अपना पढाई का बान छोडो और फिर देखी आपके गले मे यश की माला पडेगी।

अच्छे सेहत के पढाई के दृश्टीकोन से महत्त्वपूर्ण भोजन का उद्देष रहता है। उस भोजन के अनुभव से आनंद मिलता है और बहुत ज्यादा उर्जा मिलने के लिए और शरीर स्वस्थ रखने के लिए अच्छा भोजन जरुरी है। अच्छी सेहत का मतलब उर्जा, उत्साह और ज्यादा मोटा नही, और ज्यादा पतला भी नही। इस बातो को ध्यान मे रखना की संतुलित भोजन से, पढाई करते समय थके जैसे लगने लगता नही। आपको थकावट जैसे लगेगा नही एकांत मे पढाई करते समय सषक्त उत्साही और तैयार रहोगे, इस प्रकार खाणे पिणे पर भी ध्यान देना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा पाणी पिना चाहिए। भोजन करते समय ज्यादा मिठा और तेल धि का सेवन नही करना चाहिए। जब भूक लगे तब ही खाना चाहिए। पंरतू जरूरत से ज्यादा खाना नही, रोज के भोजन मे हरी सब्जी फल वगैरे खाना उत्तम है। फलो का ज्युस भी पिना चाहिए, हमारे शरीर के लिए अच्छा होता है। उस के लिए मुंगफली और अच्छे पदार्थ खाना आवष्यक है। उत्तम समय पर ही भोजन करना चाहिए।

सेहत अच्छी रखने के लिए उत्तम भोजन का भी महत्त्व है। उत्तम शरीर, पढाई उत्साह बढाने के लिए उत्तम भोजन भी ज्यादा जरुरी है। उत्तम सेहत के पढाई के दृश्टीकोन से महत्त्वपूर्ण है।


स्मृति का विकास - Development of memory

विद्यार्थी मित्रो जो आप पढते हो, सुनते हो वो आपके ध्यान मे नही रहता उसके पिछे भी कोई कारण हैं। जैसे,
 ◾पढते समय या सुनते समय अपना ध्यान नही रहता।
 ◾ जो आपने पढे, सुने वो आपको समजा नहीं। अच्छे से समजा नहीं तो, श्री मंत्र का उपयोग करना चाहिये।   
 ◾साथ में आप जो पढते हो उसका अच्छे से सही कैसे समजेगा, वो भी जान लेना आवष्यक हैं।

अच्छे से समजने के लिये आप पढाई करते हो उस पर आधारित जो प्रश्न है उसे कम से कम तिन तिन बार पढे, उसके बाद दो बार आखे बंद करके सुचना दो, मुझे इस प्रश्न के उत्तर अच्छे से समज में आये क्या ? इसके बाद पढने के लिये सुरुवात करो। पहले जोर से पढो पढने की स्पीड ज्यादा रखे, उसके बाद जो प्रश्न आपने पहले पढे हैं उसके उत्तर पर विचार आते हैं क्या वो चेक करो, आप जितना ज्यादा जोर जोर से पढोगे उतना ही आपका मन पढने में एक होगा। जो आप पढते हैं उसमें से ज्यादा से ज्यादा आपके ध्यान में रहता हैं। जो जो आपको याद रहता हैं उसे लिखने का प्रयास करो, धिरे धिरे पुरे प्रश्न के उत्तर पध्दत याद होती रहेगी।

विद्यार्थी मित्रो आपके ध्यान में आया होगा की अच्छे से याद होने के लिये आप जो पढते हो उसे पढने का उद्दिष्ट आपके आखो के सामने रहना अत्यंत आवष्यक हैं। तब आपकी बुद्धी वो भाग पढने के लिये तैयार रहता हैं। जो भाग आपको कठीन लगता हैं उसे लिखने का प्रयास करे, उस पर आधरित सुचना हमेशा पालन करते रहे। धिरे-धिरे वही भाग बहूत सरल लगने लगेगा। गणित, इग्रजी ये विषय सरल लगने लगेंगे। अगर आपने इसको सरल तरीके से पढाई करना स्टार्ट किए तो, इग्रजी भाषा की पढाई इजी लगने लगेगी । इसका प्रभाव फिर निकाल पर पडता हैं। परिक्षा में अच्छे गुण मिलने लगते है।

इस लिये विद्यार्थी मित्रो परिक्षा का डर दूर करणे का तंत्र दे रहे हैं। उस का उपयोग आप आपने मन का डर दूर करणे के लिये करो, सफलता मिलना ही है।

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