Friday, 16 November 2018

उल्टी पर करें घरेलु उपचार - Home remedies for vomiting

जानिए घर पर उल्टी का इलाज कैसे करें - How to treat vomiting at home, उल्टी होने के कारण क्या है - What is the reason of vomiting, उल्टी रोग की पहचान कैसे करें - How to identify vomiting disease Info in Hindi.

Home remedies for vomiting

उल्टी जिसे चिकित्सक के भाषा में ''इमेसिस'' ( Emesis) कहते है। उल्टी यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक प्रक्रिया है। लेकिन इसका उपचार समय रहते नहीं हुआ तो यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी में परिवर्तित हो सकती है। जिससे मनुष्य की मृत्यु तक भी हो सकती है। उल्टी के जीवाणु ( Bacterium ) पानी या भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते है। यह बासी भोजन ( Stale Food ), मल, थूक, कृमि अर्थात गंदे जगह रहने वाले पदार्थ, हजम न होने वाली वस्तुए ( Non-digestible items ), अशुद्ध जल ( Unclean water ), अधिक भोजन आदि कारणों से यह रोग होता है।

गर्मी के मौसम में उल्टी होना आम बात है क्युकी मनुष्य का शरीर खाए गए भोजन को पाचन नहीं कर पाता है, या पेट की गैस, विषाक्त भोजन ( Food Poisoning ) आदि कारणों से उल्टी हो सकती है। यदि इंसान को अधिकतर उल्टी की शिकायत है तो उसके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से उल्टी रोकने के कुछ घरेलु नुस्के बताने वाले है।


उल्टी आक्रमण के कारण - Reasons for Vomiting Invasion :

उल्टी होने का मुख्य कारण पेट में पाचन शक्ति का कम होना, पाचन शक्ति अगर शरीर में सही तरिके से कार्य नहीं करती है तो उल्टी या एसिडिटी जैसे शिकायते निर्माण होने लगती है, या वातावरण के बदलाव से भी उल्टी हो सकती है।

✦ उल्टी एक भयंकर बीमारी है जिसके कारण ब्रेन ट्यूमर, मस्तिक्स आघात, अपेंडिस्क, माइग्रेन हमला ( Migraine attack), जैसे बीमारिया भी हो सकती है।

✦ इरिटेबल बाऊल सिंड्रोम, क्रोहन सिंड्रोम जैसे कुछ बीमारियो के कारण उल्टी होने की अधिक संभावना है।

✦ पेट में Infection के कारण उल्टी हो सकती है।

✦ बासी खाना, दूषित जगह की वस्तुए खाना, भूक से अधिक भोजन करना जैसे कारणों से उल्टी होने की संभावना रहती है।

✦ कुछ वाइरल इन्फेक्शन, सर्दी, जुखाम, थूक भी उल्टी के कारण हो सकते है।

उल्टी के लक्षण - Symptoms of vomiting :

उल्टी दो प्रकार की होती है, जब आपने खाना खाया हो वह खाना उसी रूप में बाहर आता है या आधा पाचन खाना बाहर आता है। उल्टी होने के अवस्था में डकारें आने लगती है। जी मचलने लगता है, घबराहट होने लगती है, इस स्थिति में बेहोसी के संभावना अधिक होते है। तनाव, भय और बेचैनी के कारण, शरीर की क्रिया में असंतुलन होता है, जो पेट में गड़बड़ी का कारण बन जाता है।


जिस मनुष्य को उल्टी के परिणाम महसूस होने लगते है उस समय उसका शरीर बेचैनी सा होने लगता है। पेट में जलन होने लगती है, जो खाते है वह पाचन नहीं हो पाता। उल्टी के इस परिणामो से बचने के लिए प्राथमिक चिकित्सा का उपयोग करना बेहत ही जरूरी है। धनिया या प्याज का रस पानी में मिलाकर पीजिए इससे उल्टी में राहत मिलती है ।

उल्टी पर औषधीय उपचार - Medicinal treatment on vomiting :

उल्टी जैसे भयंकर बीमारी को दूर करना है तो यह उपचार है लाभदायक,

➣ उल्टी में राहत पाने के लिए खट्टे अनार का 10 - 15 मि.ली. रस नियमित सेवन करें।

➣ 20 ग्रा. जल के साथ 6 ग्रा. अनार के हरे पत्ते पीसकर उसमे स्वाद के लिए चीनी मिलाकर पीजिए। इससे उल्टी बंद हो जाती है।

➣ 500 ग्राम जल में आम का मींगी और बेलगिरी दोनों को मिलाकर उसे पकाए। 100 ग्राम शेष रहने के बाद उसे शहद और मिश्री के साथ सेवन करें इससे उल्टी में राहत मिलती है।

➣ उल्टी में राहत पाने के लिए प्याज के रस का सेवन करें इससे उल्टी बंद होने लगती है।

➣ 6 - 7 काली मिर्च का चूर्ण और प्याज का रस दोनों को मिलाकर प्रति 15 मिनिट या आधे घंटे बाद सेवन करें उल्टी में राहत मिलेगी।

➣ काली मिर्च के साथ केले या चुने का रस मिलाकर सेवन करने से उल्टी आना बंद हो जाती है।

➣ उल्टी या दस्त होने पर रोगी की हालत गंभीर हो जाती है, ऐसे में अमृतधारा की 5 - 6 बूंदो का सेवन करने से लाभ मिलता है।

➣ उल्टी रोकने के लिए शरपुंखा वनस्पति बहुत लाभदायक है, शरपुंखा की जड़ को पीसकर उसका चूर्ण 2 ग्रा. की मात्रा में लेने से लाभ मिलता है।

➣ प्रति दिन आधा कप पुदीने का रस सेवन करने से उल्टी में राहत मिलती है।

निम्बू के रस में लहसुन की 2 - 3 पुतियों को पीसकर रोगी को देने बहुत लाभ होता है।

➣ उल्टी कम करने के लिए निम की पत्तिओ को पीसकर एक कप पानी में मिलाकर पीजिए।

➣ 60 ग्रा. जायफल, दो चम्मच सौंठ और बेल का गुदा तीनो मिलाकर प्रति दिन तीन बार सेवन करने से उल्टिया आनी बंद हो जाती है।

➣ एक कप सक्कर, आधा कप गुलाब जल और एक निम्बू का रस तीनो को मिलाकर मिक्स तैयार कर लें और 15 - 15 मिनिट के बाद सेवन करें इससे उल्टी बंद हो जाती है।


तुलसी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो सभी प्रकार के बिमारिओ को दूर करने में लाभदाय है। तुलसी के पत्ते और काली मिर्च का चूर्ण बनाकर दोनों को मिलाकर पानी में घोलकर पीजिए इससे उल्टी में राहत मिलती है।

➣ मध्यम गरम पानी में कपूर का अर्क मिलाकर पिने से उल्टी में लाभ मिलता है।

➣ आम का रस या आम का पना पिने से भी उल्टी में लाभ होता है।

➣ 300 ग्रा. पानी में इलाइची लेकर अच्छी तरह पका लें, पानी जब आधा हो जाये तो उसे ठंडा कर ले और थोड़ी - थोड़ी देर बार उस पानी का सेवन करे या सफर में इसका उपयोग करे इससे उल्टी नहीं होगी।

➣ काली मिर्च, जायफल और नागर मोथा तीनो मिलाकर इसका काढ़ा बना लें और रोगी को दिन में थोड़ी थोड़ी बार पिलाये इससे उल्टी में राहत मिलती है।

➣ प्याज के रस में पुदीना या निम्बू का रस बराबर के मात्रा में मिलाकर दिन में 15 - 15 मिनिट बाद एक - एक चम्मच पिलाने से उल्टी बंद हो जाती है।

➣ 15 ग्रा. जायफल को गुड़ के साथ मिलाकर उसकी गोलिया बना लें। और एक - एक गोली दिन में तीन बार खाये इससे उल्टी में राहत मिलती है।

➣ रोगी के शरीर में पानी की कमी महसूस हो तो प्रति 15 मिनिट बाद उबले हुए पानी में आधा चम्मच नमक, मीठा सोडा, चीनी और थोड़ा सा नीबू का रस मिलाकर पिलाये।

उल्टी को कम करने के लिए भोजन और परहेज - Food and Abstinence to reduce vomiting :

यदि आपको भोजन के कारण उल्टी हो रहे हैं, तो आपको अपने खाने के आदतों को बदलना जरूरी है। आपको संदेह है कि भोजन आपकी उल्टी के लिए एक श्राप है या आप भोजन की गंध से बीमार सा महसूस करते हैं तो इसे ठंडा करके खाने का प्रयास करें।

• खाने-पीने में फ्राइड, मसालेदार भोजन, फलियां, फैटी खाद्य पदार्थ, दूध उत्पाद, चॉकलेट, और फाइबर से समृद्ध सब्जियां हमारे शरीर में पचाने में विशेष रूप से कठिनता निर्माण करती हैं।

• दिन में तीन बार भोजन करने के बजाय 6 बार खाने का प्रयास करें। इस प्रकिया से आप अपने शरीर के लिए पचाने वाले भोजन को सरल बना देंगे।

• गर्मी के मौसम रोगी ने हल्के व गरम पानी से नहाना चाहिए।

• गर्मी के मौसम में हल्का और कम भोजन करना चाहिए।

• बासी खाना नहीं खाना चाहिए, किसी भी फल को धोकर ही खाना चाहिए।

• उल्टी जैसा महसूस हो तो तुरंत प्राथमिक चिकित्सा करनी चाहिए। जैसे लौंग, निम्बू की छाल आदि चीजों का सेवन करना चाहिए।

• जिसको उल्टी की शिकायत है उस व्यक्ति ने भोजन कम खाना चाहिए।



यदि आप पूरी तरह इन प्राकृतिक औषधि का घरेलू उपयोग करते हो इसके बावजूद भी नियमित उल्टी कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए। आपको अत्यधिक उल्टी से बचना चाहिए क्योंकि पेट के अंदर एसिड आपके दांतों के Enamel को क्षीण कर सकता है और नुकसान का कारण बन सकता है। जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है, और जिसके कारण दांत पीले हो जाते हैं।

इसीलिए आप चिकित्सक या डॉक्टर का सुझाव ले यह ओर भी आपके शरीर के लिए फायदेमंद होगा।

धन्यवाद।

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