Sunday, 4 November 2018

प्राकृतिक रूप से अस्थमा को कैसे दूर करे - How to remove asthma naturally

जानिए प्राकृतिक रूप से अस्थमा को कैसे दूर करे - How to remove asthma naturally, जड़ी बूटियों उपयोग करके अस्थमा को कैसे हटाए - How to Remove Asthma Using Herbs, श्वास के रोग को दूर करना है तो लाभकारी है जड़ी बूटियाँ - To remove respiratory disease, beneficial is herbs Info in Hindi.

प्राकृतिक रूप से अस्थमा को कैसे दूर करे - How to remove asthma naturally

दमा याने श्वास रोग जिसे लोग ASTHAMA के नाम जानते है। आज के प्रदुषण युक्त माहोल में दमा रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को होने की मंभावना है। यह रोग फेफड़ो में वायु का संचार करने वाली मासपेशियों का जाल होता है। इसमें जब रक्त संचार रुकना, अकडन, तनाव, अकुचन निर्माण होता है, तो सास लेने में तखलीफ़ होती है। दमा कभी कभी अनुवांशिक रूप से देन रहता है, अगर किसी भी व्यक्ति के पूर्वजो को यह बीमारी हो तो वह उनके परिवार को होने की संभावना रहती है।


ASTHAMA को कैसे पहचाने - How to recognize ASTHAMA :

दमा की शिकायत दूषित वातावरण से भी हो सकता है। धुल, मिटटी, धुँआ तथा स्नायु के विकारो से भी हो सकता है। जब फेफड़ो में श्वास लेने में कठिनाई होती है, तब दम फूलने लगता है और इंसान इस स्थिति में हाफने लगता है। दमा के रोगी का चेहरा पद जाता है। उसे पशीना अधिकतर आता है। दमे का दौरा जब आता है, तो गले में साय साय की आवाज आने लगती है। इस रोग के रोगी परेशान रहते है। अगर इस रोग से छुटकारा पाना है तो करे प्राकृतिक रूप से उपचार करना जरुरी है। क्युकी प्रकृति में है सभी रोगों से लडने की शक्ति जड़ी बूटी से दमा रोग को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है। 

प्राकृतिक खजाने से करे ASTHAMA दूर :

दमा के रोग को दूर करने के लिए प्रकृति में कई प्रकार की जड़ी बूटी है जिसका उपयोग करके यह रोग नष्ट किया जा सकता है। 

श्वास रोग दूर करने के लिए मूली का रस पिए। या क्वाथ बनाकर पानी में मिलाकर पिने से श्वास रोग में राहत मिलती है। 

✯ नीम के बीजो का सुद्ध तेल बनाकर खाना खाने से पहले सेवन करने से दमा के रोग में राहत मिलती है। 



✯ 40 - 50 ग्राम प्याज का रस सुबह शाम पिलाने से दमा के रोग में लाभ होता है। 

✯ दमे के लाभ के लिए पीपल की छाल और पके फल दोनों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना ले। हर दिन आधा चम्मच की मात्रा में तीन बार सेवन करे।  

✯ भुई आँवला की जड़ को 10 ग्राम की मात्रा में पानी में पीसकर पिलाने से दमा में राहत मिलती है। 

✯ 6 - 7 काली मिर्च और 50 ग्राम आक के फूलो की लौंग दोनों को पीसकर मटर के बराबर गोलिया बना ले। और हर दिन सबेरे शाम गरम पानी के साथ सेवन करने से श्वास के रोग में आराम होता है। 

✯ आक की जड़ को छाया में सुखाकर उसे जलाकर राख बना ले। अब राख को 1 - 3  ग्राम शहद या पानी में मिलाकर पिने से कास श्वास में लाभ होता है। 

✯ श्वास अवरोध दूर करने के लिए सकरकरा के चूर्ण को सूंघने से लाभ होता है। 

✯ अलसी के बीजो को शहद के साथ खाने से श्वास एव खाँसी में राहत मिलती है। 

✯ अनार के छिलके को भी खाने से कास श्वास में राहत मिलती है। 

✯ अरलू की छाल का चूर्ण बनाकर दूध के साथ सेवन करने से खाँसी और श्वास रोग मिटता है। 

✯ अदरक और भारंगी की मूल का रस 2 - 2 की मात्रा में लेने से श्वास का वेग शांत हो जाता है। 



✯ गाय के दूध में काली मिर्च का चूर्ण पकाकर पिने से दमा के रोग में लाभ होता है। 

✯ गेंदा के फूलो के बीज का चूर्ण बनाकर शक्कर और दही में मिलाकर दिन में दो - तीन बार पिने से दमा दूर होता है। 

✯ हरड़ और सौठ का समान मात्रा में चूर्ण बनाकर गुनगुने जल के साथ सुबह - शाम पिने से श्वास के रोग में राहत मिलती है।  

✯ हरड़ और बहेड़े की छाल समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना ले। हर दिन यह चूर्ण नित्य मात्रा में सेवन करने से श्वास के रोग में लाभ मिलता है।  

✯ रीठा के फल की सुंघनी बनाकर उसे सूंघने से दमा के रोग में राहत मिलती है। 

✯ भारंगी मूल की छाल और सौंठ से तैयार चूर्ण को हर बार 2 - 2 ग्राम गरम पानी में लेने से श्वास के रोग में लाभ होता है। 

✯ अनार का फूल, कत्था 10 ग्राम, और कपूर तीनो को फिसकर गोली बना ले। एक एक गोली हर दिन सेवन करने से दमा का नाश हो जाता है। 

✯ तुलसी के पत्ते, लौंग, और काली मिर्च तीनो को चटनी की तरह पीस ले और फिर नित्य सेवन करे इससे दमा में लाभ होता है।


प्रकृति में रोगो को नष्ट करने का खजाना है। बस उस खजाने का सही तरिके से उपयोग करते आना चाहिए। इसीलिए योग विज्ञानं में सभी प्रकार के जड़ी बूटी का उपयोग बताया है। बड़े बड़े ग्रंथो के माध्यम से इन जड़ी बूटियों का उपयोग मानव अपने स्वस्थ के लिए करते आ रहा है।

दोस्तों उम्मीद है की यह आर्टिकल आपको पसंद आये। हा इन जड़ी बूटियों का उपयोग करने से पहले अच्छे चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह जरुर ले यह आपके लिए ओर भी लाभदायक होगा।  

धन्यवाद .........                                                                                                             
                                                                                                                                    Author By Savita
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