Tuesday, 6 November 2018

प्रदूषण क्या है - What is Pollution

जानिए पर्यावरण में प्रदूषण क्या है - What is pollution in the environment, प्रदूषण के मुख्य कारण - The main reasons for pollution, प्रदुषण के प्रकार - Types of pollution, प्रदूषक और मुख्य स्त्रोत - Pollutants and main sources Info in Hindi 

प्रदूषण क्या है - What is Pollution

पर्यावरण मानव के लिए स्वस्थ और निरोगी जीवन की पहचान है। इसी की वजह से मानव सुद्ध जीवन जी रहा है। प्रकृति ने ही मानव को जीवन जीने का तरीका बताया है। लेकिन आज के युग में मानव अपने सुख के लिए पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। प्रकृति के इस अमूल्य भंडार को नष्ट कर पर्यावरण में प्रदुषण निर्माण कर रहा है। इसकी वजह से बीमारिया बढ़ रही है। प्रदुषण को रोकने का मात्र एक ही तरीका है, पेड़ो का सवर्धन जो भारत सरकार का ध्यय है। पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ ( झाडे लावा झाडे जगवा )


प्रदूषण क्या है - What is Pollution :

प्रदुषण याने वातावरण का अनावश्यक अहितकारक बदल ( Unnecessary harmful change )। इस बदलाव के कारण प्रकृति में सजीव प्राणी पर प्रत्यक्ष ( Direct ) या अप्रत्यक्ष ( Indirect ) से नुकसान होता है। प्रदूषण सभी जीवित प्राणियों का अकाल मृत्यु है। प्रदूषण एक वक्त के साथ चलने वाला मृत देह है जो किसी भी समय अपने गन्दगी से प्राणी जीवो को नाश कर सकता है।

प्रदूषक क्या है - What is pollutant :

जिसके माध्यम से प्रदूषण होता है उसे प्रदूषक कहते है। याने प्रदूषक यह वातावरण में विषाक्त ( Toxic ) और असुरक्षित द्रवों ( Unsafe fluid ) की उत्पति करते है जिसके कारण पर्यावरण में प्रदुषण बढ़ता है। इसके कारण नैसर्गिक किया में बदलाव होते है जैसे, पानी दूषित होना, हवा प्रदूषित होना, खाना, आदि। इसके कारण बीमारिया बढ़ती है। आज के वक्त में सिगरेट पीना फ्यासन बन गई है लेकिन सिगरेट का धुँआ सिर्फ सिगरेट पिने वाले को नुकसान नहीं पहुँचता बल्कि दुसरोको भी हानि पहुँचता है। इसीलिए यह वायु का सबसे बड़ा हानिकारक प्रदूषक है।


प्रदूषक के मुख्य दो प्रकार है,

➤ विघटनशील प्रदूषक :
                                      विघटनशील प्रदूषक याने  ''मल'' जिसका नैसर्गिक रूप से विघटन होता है। इस रूप के प्रदूषक का सिमा से परे पर्यावरण पर प्रभाव होता है तो वातवरण में समश्या निर्माण होती है।

➤ अविघटनशील प्रदूषक : 
                                      अविघटनशील पदार्थ का विघटन नहीं होता या फिर धीमी गति से होता है। अगर इस प्रकार का प्रदुषण वातावरण में हो तो उसे पर्यावरण से निकाल ने में बहुत परेशानी होती है। अविघटनशील प्रदूषक में मानव निर्मित किरणोत्सारि पदार्थ या टिकाऊ कार्बनिक प्रदूषक का समावेश है।

वायु के महत्वपूर्ण प्रदूषक और स्रोत :


 Carbon monoxide
डिझेल, पेट्रोल, कोयला,  इनका अपूर्ण ज्वलन 
 Carbon dioxide
 पेट्रोल, रॉकेल, डिझेल, कोयला आदि इंधन का ज्वलन 
 Ozen
फोर व्हीलर से निकलने वाला दूषित वायु 
Nitrogen oxide
वाहन में होने वाला  इंधन का अधिक ज्वलन  या बिजली की अधिक निर्मिति 
Hydrogen sulphide
नैसर्गिंक वायु शुद्धिकरण केंद्र 
Hydrocarbons
वाहन के इंधन की भाप
Embryonic substance
धूल, मिटटी, धुर, आदि। 

यह प्रदूषण कैसे होता है - How does this happen Pollution :

जैसे विशिष्ठ पदार्थ या विशिष्ट ऊर्जा के तनाव के कारण सजीव प्राणी अपने श्वसन प्रकिया से हवा, पिने के लिए पानी, खाने के लिए अन्न और उस धान्य को पिकाने के लिए मिटटी। इन सबमे सीमा से परे किसी भी वस्तु में अनावश्यक बदलाव आये तो यह प्रदुषण है। उदा. अधिक आवाज के कारण ध्वनि प्रदुषण, दूषित वायु के कारण वायु प्रदुषण, जल में गंदगी के कारण जल प्रदूषण होते है।

प्रदूषण के प्रकार - Types of Pollution :

वायु प्रदुषण - Air Pollution : 

सभी शहरी जगह पर ज्यादातर वायु प्रदूषण का प्रमाण है। साथ ही शहर के छोटे छोटे विभागों में प्रदूषण के अनेक स्त्रोत देखने मिलते है। जैसे आद्योगिक क्षेत्रों के उत्सर्जित पदार्थ, प्रमाण से अधिक चलने वाली स्वयंचालित वाहन, खुली जगह जाने वाला कचरा आदि घटको का समावेश है। स्वयंचालित वाहन ( Automobile vehicles ) से बाहर निकलने वाले धुर में कार्बन मोनोक्साइड ( Carbon monoxide ), जटिल हाइड्रोकार्बन ( Complex hydrocarbons ), नाइट्रोजन ऑक्साइड ( Nitrogen oxide ) जैसे अन्य प्रदूषक है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलने वाली लकड़ी, या खेती के अन्य टाकाऊ पदार्थ जिसके जलने से प्रदूषण होता है।



वायु प्रदूषण में अन्य घातक पदार्थ का समावेश होता है जो अलग विभागों संक्रिय किया जाता है। ऐसे घातक पदार्थ के सम्पर्क में आने के बाद तत्काल  ही मावन शरीर को रिएक्सन होने लगता है। ऐसे प्रदूषक कम प्रमाण में होते है, इसपूर्व उल्लेख किए पदार्थ में डायोंक्झिन्स व फ्यूरान्स यह घातक वायु प्रदूषक है। 

घातक वायु प्रदूषण के मुख्य स्त्रोत सभी लोगो को पता है, जैसे Chemical factories, steel factories, oil refining factories and civil waste burning furnaces यह सब प्रदुषण स्त्रोत में शामिल होते है। उदा. civil waste की जलती हुई भट्टियो से अधिक प्रमाण में डायोंक्झिन्स, लीड और पारा जैसे घातक पदार्थ वायु के सम्पर्क में आते है।
प्रदूषण क्या है - What is Pollution

वायु प्रदुषण निर्माण होने के कारण कुछ इस तरह 

★ अघिक स्वयंचालित वाहनों का उपयोग,
★ बिजली तैयार करने के लिए कोयला या पेट्रोलियम पदार्थ का अधिकतर उपयोग,
★ खुली जगह पर जलाना, जैसे बगीचे का कचरा, खेती का कचरा, ठोस कचरा, गिला कचरा आदि।
★ आद्योगिक क्षेत्र,
★ नैसर्गिक कारण जैसे, तूफान की वजह से वायु में दूषित जंतु या कण आदि।

ध्वनी प्रदुषण - Sound Pollution :

वर्तमान के इस युग में ध्वनी या आवाज जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। लेकिन अधिक जोर के आवाज से इंसान चिडचिड करता है। अधिकतर आवाज से शरीर में अशांति निर्माण ( Unrest Construction ) होती है। रेल्वे, कारखाने, वाहतुक, बांधकाम, खोदकाम, आदि के वजह अधिकतर आवाज निर्माण होता है, और यह शरीर के लिए हानिकारक है।

शहरी भागो के अलावा ध्वनी प्रदुषण लोकप्रिय पर्यटन स्थल, गाव, धार्मिक स्थल आदि जगह पर अधिकतर निर्माण होता है। इसीलिए इस प्रदुषण को रोकने के लिए भारत सरकार निर्मित कई सारे उपकरनो का उपयोग हो रहा है। जैसे कई सारे जगह पर रात में 10 बजे के बाद ध्वनी को बंद किया जाता है।

जल प्रदुषण - Water Pollution :

जल प्रदुषण एक बड़ी समस्या है, इसके कारण मानव शरीर में रोगों का संचार हो रहा है। एक कहावत की जल ही जीवन है। लेकिन आज के ज़माने इसके विपरीत हो रहा है, क्युकी जल प्रदूषित हो रहा है। जल प्रदुषण याने जल में होने वाले अहितकारक बदल जैसे जल का स्वाद, स्मेल, तापमान, या पारदर्शकता आदि।


प्रदूषण मानव और सभी जीवित प्राणी के लिए भी जानलेवा है। अगर इसपर अभी से कंट्रोल नहीं रहा तो आने वाले जनरेशन को बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए हमारे देश में इसपर आधारित कई सारे कार्यक्रम लिए जा रहे है। पर्यावरण सवर्धन, झाड़े लावा झाड़े जगवा, जल सवर्धन आदि जैसे कार्यक्रम सफल हो रहे है। आने वाले भविष्य को बचाने के लिए हमें पर्यावरण को बचाना जरुरी है।


                                                                                                                      Author by:- Kajal....
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