Thursday, 24 January 2019

जगन्नाथ पुरी मंदिर के चमत्कार - Wonders of Jagannath Puri Temple

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नमस्कार दोस्तों, apnasandesh.com में आप सभी का स्वागत है। मेरा नाम BK गीता है, इस वेब साइट पर यह मेरा पहला Post है। आज मै इस आर्टिकल में चमत्कारी मंदिर के रहष्य के बारे में जानकारी देने जा रही हु।

जगन्नाथ पुरी मंदिर के चमत्कार - Wonders of Jagannath Puri Temple

जगन्नाथ पुरी मंदिर के चमत्कार - Wonders of Jagannath Puri Temple:

प्रिय पाठकों,
क्या आप जानते है कि भारत देश, देवो की भुमी कहलाई जाती है। सबसे ज्यादातर मंदिर भारत में ही हैं। सभी मंदिरों की अपनी अपनी विशेषताए और चमत्कार है। मंदिरों से श्रद्वालुओं की अपनी भावनायें जुडी हुई होती है। उनमें से एक है, जगन्नाथ मंदिर जो उडीसा शहर में स्थित है। चारो धामो में सबसे पुराना धाम है जगन्नाथ धाम। स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण है इन चारों पुरानो में उसका जिक्र किया है। इस मंदिर की एक विशेषता है की पुराणों में कहा गया है की भगवान श्रीकृष्ण, बलराम अपने बहन के साथ यहां विराजमान है।


राजा अनंत वर्मन चोड़ गंगदेव - Raja Anant Varman Chod Gangdev :

विष्व में जो भी मंदिर है वे सभी मंदिरो का निर्माण किसी न किसी राजा के द्वारा किया गया है। जगन्नाथ मंदिर का भी निर्माण राजा अनंत चोड़ गंगदेव ने 12 वी सदी में इस मंदिर का निर्माण सुरू किया। जो पुरा हुआ अलंग भीमदेव के शासक काल में इसे परिपुर्ण रूप् दिया गया। यह दुनिया का सबसे सुंदर और सबसे ऊंचा मंदिर है, इस मंदिर का चमत्कार याने यह 4 लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है और इसकी ऊंचाई लगभग 214 फीट है। मंदिर के सामने गुंबद को देखना असंभव है। मुख्य गुंबद की छाया दिन के किसी भी समय अदृश्य रहती है।

इस मंदिर के उदाहरण के रूप में, हमें यह समझना चाहिए कि हमारे पूर्वज बड़े इंजीनियर हैं। जो पुरी के मंदिर का यह भव्य रूप 7 वीं शताब्दी में बनाया गया था। इस मंदिर की बनावट है, जो कही देखने को नही मिलेगी।

मंदिर के चमत्कार - Miracles of the temple :

सभी मंदिरो की कुछ न कुछ ख्याती या प्रसि़द्धी होती है। आने वाले श्रद्वालुओं की इच्छायें पुर्ण होती है तो उन मंदिरो की प्रसिद्धी और बढती ही जाती हैं। उन्ही में से एक है जगन्नाथ मंदिर, इनके चमत्कारों के बारें में कहा जाये तो जिसका जवाब वैज्ञानिक और विज्ञान के पास में भी नही है।

✫ इस मंदिर के गुंबज पर सभी मंदिरो की तरह सामान्य ही झंडा है। पर इसकी यह विशेषता है कि यह हवा के विपरित दिषा में बहता है, और यह दुनिया का ऐसा पहला झंडा होगा। यह झंडा मंदिर के किसी भी कोने से दिखाई देता है।

✫ प्राय देखा जाय तो सभी मंदिरों के गुंबज पर पक्षी बैठे होते है। पर जगन्नाथ का यह मंदिर है जहां आजतक कभी पक्षीयों कों बैठा हूआ नहीं देखा गया।


✫ इस मंदिर के उपर से आजतक कोई विमान नही जा सका। इस क्षेत्र में विमान तो बहुत आते है। लेकिन मंदिर के पास आते ही यह विमान अपना रास्ता बदल देते है। वैज्ञानिक ने इसका कारण जानना चहा पर आज भी इसका उत्तर नही मिला।

✫ इस मंदिर की उंचाइ 214 फुट फैला हुआ इसका क्षेत्र है। आषाढ़ के महिने में लाखों श्ऱ़द्धालु जगन्नाथ मंदिर के दर्षनो के लिये आते है। जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ जाती है।

✫ दुनिया में सभी चिजों की अपनी परछाई होती है। 214 फुट उंचे इस मंदिर की किसी भी समय किसी भी दिषा में परछाई नही दिखाई देती, यह भी इस मंदिर का बहोत बडा़ आष्चर्य है।

✫ मंदिर के उपर अष्ट धातु का बना हुआ सुदर्षन चक्र है। जो पुरी शहर के किसी भी कोने से देख सकते है।

✫ प्राचिन पंरपरा के अनुसार सभी मंदिरो में प्रायः भोग चढ़ाया जाता है। इस मंदिरो में भी प्राचिन परंपरा नुसार मिट्टी के बर्तनों में ही खाना बनाया जाता है। 

✫ 800 मंदिरों के श्रद्धालु एकसाथ मिलकर यहा महाप्रसाद बनाते है। यहा कि विशेषता यह हैं कि सात मिट्टी के बर्तन एक के उपर एक रखा जाता है। और मिठा चावल ही यहां महाप्रसाद के रूप में बनाया जाता है। 


✫ इस मंदिर की और एक विशेषता है कि सबसे उपर वाले मिट्टी के बर्तन का प्रसाद सबसे पहले बनता है। जबकी सबसे निचे वाले मटके को निचे आग जलती है। यह कैसे और क्यों? यह प्रश्न ही है, लेकिन कोई इसका उत्तर नही जान पाया है।

✫ जगन्नाथ के मंदिर का झंडा बदलने के रोज मंदिर के गंबज पर चढना पडता हैं। 10/12 फुट दिवार पर हम सिधा नही चढ सकते। यहां की हजारों सालों से मान्यता है कि गुंबज पर उल्टा चढकर ही झंडा बदला जा सकता है।

✫ जगन्नाथ का मंदिर पुरी शहर में समुद्र के नजदिक है। जिससे समुद्र के लहरों की आवाज मंदिर में भी सुनाई देती हैं। मंदिर का जो दरवाजा है जो सिंहद्वार कि नाम से जाना जाता है। वहां दाखिल होते ही लहरों की आवाज़ बंद होती है, और दरवाजे से अंदर जाने पर लहरों की आवाज़ फिर से आना चालु होती है।

✫ साल में एक बार इस मंदिर की रथयात्रा निकाली जाती है। इस दिन की यह विशेषता है कि हर साल रथयात्रा के दिन बारिस होती है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर के चमत्कार - Wonders of Jagannath Puri Temple

यह कुछ चमत्कार है जो जगन्नाथ मंदिरों में होते है। इसका राज कभी कोई नही जान पाया। इन सभी रहस्य से सायद कभी पर्दा नही उठ सकता, यह भगवान की लिला है इसलिए यह गुप्त ही ठिक है। जिसके तह तक कोई नही जा सकता, उस असिम शक्ति की गहराई तक हम नही पहुंच सकते।

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धन्यवाद।

                                                                                                                         Author By : BK गीता...
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